Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Write
Notifications
Settings
Jul 13, 2016 · 1 min read

? ग़ज़ल-२ ?

एक कोशिश आपके हवाले …..

?_________________________________________

दिन ढलते ही जम जाती है ,महफिल जब तनहायी की;
कुछ साये करते हैं हरदम बात तेरी रुसवाई की..!!
___________________________________________?

आँखों की लाली से दिन के उजियारे ने भी पूछा;
खाब तुम्हारे ज़ख्मी क्यों हैं , किसने हाथापाई की..!!
?_________________________________________

हाय सिसकते आहें भरते कितने दिन और रात गये;
उन बंजारे लम्हातों की तुमने कब भरपाई की..!!
__________________________________________?

दीवारें भी मुझको मुजरिम मान चुकी हैं बरसों से;
मैंने भी तो इनको रँगकर केवल रस्म अदाई की..!!
?________________________________________

आखिर आँधी – तूफानों में मैं ही क्यों हरबार जलूँ;
ज़िम्मेदारी कुछ तो होगी हाँ मेरे हमराही की..!!
__________________________________________?

?अर्चना पाठक “अर्चिता”?
?________________________________________

1 Like · 2 Comments · 154 Views
You may also like:
उफ ! ये गर्मी, हाय ! गर्मी / (गर्मी का...
ईश्वर दयाल गोस्वामी
असफ़लताओं के गाँव में, कोशिशों का कारवां सफ़ल होता है।
Manisha Manjari
रात तन्हा सी
Dr fauzia Naseem shad
थोड़ी सी कसक
Dr fauzia Naseem shad
रफ्तार
Anamika Singh
हमसे न अब करो
Dr fauzia Naseem shad
तू तो नहीं
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
माँ की भोर / (नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
दया करो भगवान
Buddha Prakash
हम तुमसे जब मिल नहीं पाते
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
गाऊँ तेरी महिमा का गान (हरिशयन एकादशी विशेष)
श्री रमण 'श्रीपद्'
पिता
Neha Sharma
यही तो इश्क है पगले
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
पिता एक विश्वास - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
टेढ़ी-मेढ़ी जलेबी
Buddha Prakash
बँटवारे का दर्द
मनोज कर्ण
'याद पापा आ गये मन ढाॅंपते से'
Rashmi Sanjay
जय जय भारत देश महान......
Buddha Prakash
चलो एक पत्थर हम भी उछालें..!
मनोज कर्ण
हमको जो समझे हमीं सा ।
Dr fauzia Naseem shad
फेसबुक की दुनिया
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
तप रहे हैं प्राण भी / (गर्मी का नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
श्रीराम गाथा
मनोज कर्ण
बंशी बजाये मोहना
लक्ष्मी सिंह
✍️कैसे मान लुँ ✍️
Vaishnavi Gupta
"मेरे पिता"
vikkychandel90 विक्की चंदेल (साहिब)
आज अपना सुधार लो
Anamika Singh
अधर मौन थे, मौन मुखर था...
डॉ.सीमा अग्रवाल
सही गलत का
Dr fauzia Naseem shad
माँ की याद
Meenakshi Nagar
Loading...