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21 Dec 2022 · 2 min read

🌀 ■ फ़ेसबुकी फ़जीता 🌀

#व्यंग्य-
🌀 ■ फ़ेसबुकी फ़जीता 🌀
【प्रणय प्रभात】
हे तात…!!
★ तुम अपनी पिछली पोस्ट की बेक़ड्री और दुर्गति का लेशमात्र पश्चाताप न करो और यह मानकर धैर्य धारण करो कि यहाँ सब साक्षर हैं, शिक्षित नहीं।
★ तुम अपनी अगली पोस्ट के हश्र की भी तनिक चिंता न करो| मान लो कि तुम्हारी पकाई खिचड़ी अंततः तुम्हें ही खानी और पचानी है।
★ तुम श्रम और समय नष्ट कर क्लेश मोल लेने के बजाय केवल कॉपी-पेस्ट कर के ही काम चलाओ और हर पोस्ट को अपने बापू का माल समझो।
★ स्मरण रखो कि चोट्टाई का यह (सी प्लस पी बराबर व्ही वाला) खेल जब तुम नहीं थे, तब भी था और आगे भी निठल्लों की कृपा से धड़ल्ले से चलता रहेगा।
★ भूलना मत कि तुम जब नहीं रहोगे, तब भी तुम्हारी पोस्ट का अधिग्रहण चलता रहेगा।
★ गाँठ बाँध लो कि आज जो पोस्ट तुम्हारी है, वो कल किसी और की होगी। जैसे “बिन फेरे हम तेरे” की तर्ज पर तुम्हारी हुई।
★ व्यर्थ में अपना समय खोटा करने से पूर्व समझ लो कि जिन पर निर्भर हो, उनके पास समझ और समय का टोटा है।
★ तुम इस आभासी संसार में चाहे जिसे अपना समझ कर अपनी धुन में मग्न मत रहो| यही तुम्हारे समस्त दु:खों का कारण है||
★ °बहुत बढ़िया, लाजवाब, वैरी नाइस, यू आर राइट, करेक्ट और वेल-सेड जैसे शब्दों पर फूलने और इतराने से बचो। सब रेडीमेड हैं।
★ निष्काम व निरापद भाव से पोस्ट किए जाओ। फिर देखो तुम इस फेसबुक रूपी भवसागर में रहते हुए भी समस्त कुप्रभावों से दूर रहोगे और स्वर्ग का आनंद ले सकोगे।
★ दिन-रात समूह रूपी भंडारों का महाप्रसाद बाँटने वालों के चक्कर में घनचक्कर मत बनो। उन्हें “कालनेमि” और “मारीच” सा मायावी समझो।
भेजा-भड़क वाली इस रणभूमि पर दिए जा रहे उपदेश का सार बस इतना सा है कि आवेग और उद्वेग से मुक्त रहो। इस दिखावे की दुनिया मे जन्म लिया है तो भरपूर आनंद के साथ जिओ। भेड़ों के झुंड में भेड़ बन कर
रहो और “कुछ आता, न जाता, जगत से नाता” वाले महामंत्र को आत्मसात करो। कल्याणमस्तु।।

Language: Hindi
1 Like · 30 Views
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