Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
8 Sep 2022 · 1 min read

✍️✍️तर्क✍️✍️

✍️✍️तर्क✍️✍️
……………………………………………………//
तुम सिर्फ अब तर्क की बाते करो
सभी क़िताबी दांवे सच नही होते
……………………………………………………//
– ‘अशांत’ शेखर

3 Likes · 6 Comments · 165 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सच नहीं है कुछ भी, मैने किया है
सच नहीं है कुछ भी, मैने किया है
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
अध्यात्म
अध्यात्म
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Ghazal
Ghazal
shahab uddin shah kannauji
बारिश की बूंदों ने।
बारिश की बूंदों ने।
Taj Mohammad
तुम्हें आसमान मुबारक
तुम्हें आसमान मुबारक
Shekhar Chandra Mitra
सुन्दरता की कमी को अच्छा स्वभाव पूरा कर सकता है,
सुन्दरता की कमी को अच्छा स्वभाव पूरा कर सकता है,
शेखर सिंह
उनको मंजिल कहाँ नसीब
उनको मंजिल कहाँ नसीब
Mrs PUSHPA SHARMA {पुष्पा शर्मा अपराजिता}
#देसी ग़ज़ल
#देसी ग़ज़ल
*प्रणय प्रभात*
बच्चे ही मां बाप की दुनियां होते हैं।
बच्चे ही मां बाप की दुनियां होते हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
हम गांव वाले है जनाब...
हम गांव वाले है जनाब...
AMRESH KUMAR VERMA
मां सिद्धिदात्री
मां सिद्धिदात्री
Mukesh Kumar Sonkar
धीरे धीरे  निकल  रहे  हो तुम दिल से.....
धीरे धीरे निकल रहे हो तुम दिल से.....
Rakesh Singh
वगिया है पुरखों की याद🙏
वगिया है पुरखों की याद🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
मेरी जिंदगी में मेरा किरदार बस इतना ही था कि कुछ अच्छा कर सकूँ
Jitendra kumar
कोई ना होता है अपना माँ के सिवा
कोई ना होता है अपना माँ के सिवा
Basant Bhagawan Roy
सहयोग आधारित संकलन
सहयोग आधारित संकलन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
गिरिधारी छंद विधान (सउदाहरण )
गिरिधारी छंद विधान (सउदाहरण )
Subhash Singhai
2574.पूर्णिका
2574.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
अगणित शौर्य गाथाएं हैं
अगणित शौर्य गाथाएं हैं
Bodhisatva kastooriya
"The Divine Encounter"
Manisha Manjari
व्याकरण पढ़े,
व्याकरण पढ़े,
Dr. Vaishali Verma
*माँ शारदे वन्दना
*माँ शारदे वन्दना
संजय कुमार संजू
"कवि तो वही"
Dr. Kishan tandon kranti
जीवन में प्यास की
जीवन में प्यास की
Dr fauzia Naseem shad
महफिल में तनहा जले, खूब हुए बदनाम ।
महफिल में तनहा जले, खूब हुए बदनाम ।
sushil sarna
प्रिय भतीजी के लिए...
प्रिय भतीजी के लिए...
डॉ.सीमा अग्रवाल
*चुनावी कुंडलिया*
*चुनावी कुंडलिया*
Ravi Prakash
कभी लगे के काबिल हुँ मैं किसी मुकाम के लिये
कभी लगे के काबिल हुँ मैं किसी मुकाम के लिये
Sonu sugandh
King of the 90s - Television
King of the 90s - Television
Bindesh kumar jha
इंसान क्यों ऐसे इतना जहरीला हो गया है
इंसान क्यों ऐसे इतना जहरीला हो गया है
gurudeenverma198
Loading...