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24 May 2024 · 1 min read

★ किताबें दीपक की★

गांव के फसल जैसी हरियाली तुम हो। प्रत्येक कृषि शिष्य की दिवाली तुम हो । और पन्ने तो कई और लोग भी बेचते हैं यहां। मगर बात तो यूं है कि दीपक वाधवा सर की निराली तुम हो।।
★IPS KAMAL THAKUR ★

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