Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
30 Nov 2023 · 1 min read

■ क़तआ (मुक्तक)

■ क़तआ (मुक्तक)
(न जाने कैसे, न जाने किसने)

1 Like · 131 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
तुंग द्रुम एक चारु 🌿☘️🍁☘️
तुंग द्रुम एक चारु 🌿☘️🍁☘️
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—1.
रमेशराज की विरोधरस की मुक्तछंद कविताएँ—1.
कवि रमेशराज
ये दिल उनपे हम भी तो हारे हुए हैं।
ये दिल उनपे हम भी तो हारे हुए हैं।
सत्य कुमार प्रेमी
यह  सिक्वेल बनाने का ,
यह सिक्वेल बनाने का ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
अद्भुद भारत देश
अद्भुद भारत देश
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
गलतियां
गलतियां
Dr Parveen Thakur
💐💐दोहा निवेदन💐💐
💐💐दोहा निवेदन💐💐
भवानी सिंह धानका 'भूधर'
मिल जाते हैं राहों में वे अकसर ही आजकल।
मिल जाते हैं राहों में वे अकसर ही आजकल।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
अगर आप सही हैं तो खुद को साबित करने के लिए ताकत क्यों लगानी
अगर आप सही हैं तो खुद को साबित करने के लिए ताकत क्यों लगानी
Seema Verma
हूँ   इंसा  एक   मामूली,
हूँ इंसा एक मामूली,
Satish Srijan
"चाह"
Dr. Kishan tandon kranti
*कुछ कहा न जाए*
*कुछ कहा न जाए*
Shashi kala vyas
प्री वेडिंग की आँधी
प्री वेडिंग की आँधी
Anil chobisa
खामोश रहेंगे अभी तो हम, कुछ नहीं बोलेंगे
खामोश रहेंगे अभी तो हम, कुछ नहीं बोलेंगे
gurudeenverma198
अनुशासित रहे, खुद पर नियंत्रण रखें ।
अनुशासित रहे, खुद पर नियंत्रण रखें ।
Shubham Pandey (S P)
यूँ तो समुंदर बेवजह ही बदनाम होता है
यूँ तो समुंदर बेवजह ही बदनाम होता है
'अशांत' शेखर
3196.*पूर्णिका*
3196.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
नीलामी हो गई अब इश्क़ के बाज़ार में मेरी ।
नीलामी हो गई अब इश्क़ के बाज़ार में मेरी ।
Phool gufran
मुक्तक
मुक्तक
डॉक्टर रागिनी
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
हमें प्यार और घृणा, दोनों ही असरदार तरीके से करना आना चाहिए!
Dr MusafiR BaithA
#शेर
#शेर
*Author प्रणय प्रभात*
प्यार का बँटवारा
प्यार का बँटवारा
Rajni kapoor
Starting it is not the problem, finishing it is the real thi
Starting it is not the problem, finishing it is the real thi
पूर्वार्थ
फितरत को पहचान कर भी
फितरत को पहचान कर भी
Seema gupta,Alwar
नियति को यही मंजूर था
नियति को यही मंजूर था
Harminder Kaur
*जीवन सरल जिएँ हम प्रभु जी ! सीधा सच्चा सादा (भक्ति-गीत)*
*जीवन सरल जिएँ हम प्रभु जी ! सीधा सच्चा सादा (भक्ति-गीत)*
Ravi Prakash
मेरी कलम से…
मेरी कलम से…
Anand Kumar
कुंडलिया - रंग
कुंडलिया - रंग
sushil sarna
💐अज्ञात के प्रति-112💐
💐अज्ञात के प्रति-112💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
*वरद हस्त सिर पर धरो*..सरस्वती वंदना
*वरद हस्त सिर पर धरो*..सरस्वती वंदना
Poonam Matia
Loading...