Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
5 Feb 2023 · 1 min read

■ आज की बात / हालात के साथ

■ बेबस दिल की भड़ास…
【प्रणय प्रभात】
“भंवरे जाएं भाड़ में,
बने घूमते बॉस।
तेल लगाएं तितलियां,
माली का क्या लॉस?”
आज का यह दोहा संस्कृति और मौजूदा स्वरूप के ख़िलाफ़ एक भड़ास मान सकते हैं आप। यह वो भयावह दौर है जब बग़ीचे के माली को रखवाली का भी हक़ नहीं। आगे नसीब गुल खिलाने पर आमादा गुलों का। उम्र से पहले खिल जाने को बेताब कलियों का। उनका रस चूस जाने पर उतारू ज़िद्दी भँवरों और हश्र से बेपरवाह तितलियों का। बाग़वानो का काम अब शायद बग़ीचे के उजड़ जाने के बाद मातम से ज़्यादा कुछ बचा भी नहीं है शायद।।
समझ तो आप गए ही होंगे कि मैं कहना क्या चाहता हूँ। नहीं समझे हों तो देश के माहौल और उन वारदातों को समझ लें, जो दहलाने वाली रही हैं। बड़ी वजह है “नाम अब्दुल है मेरा” की तर्ज़ पर सारी दुनिया पर नज़र रखने के थोथे दावे और अपनी झोंपड़ी में सुलगती आंच के प्रति उदासीनता। बेहतर हो अगर बाहर “चौधराई” से पहले घर में “पटेलाई” कर ली जाए। वो भी थोड़ी दम-ख़म के साथ। ताकि कल ज़्यादा ग़म न करना पड़े। जो ऐसा न कर पाए, वो ऊपर लिखे दोहे से मन बहलाएँ। आगे भगवान की मर्ज़ी।।

1 Like · 223 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
रोशनी की शिकस्त में आकर अंधेरा खुद को खो देता है
रोशनी की शिकस्त में आकर अंधेरा खुद को खो देता है
कवि दीपक बवेजा
नमामि राम की नगरी, नमामि राम की महिमा।
नमामि राम की नगरी, नमामि राम की महिमा।
डॉ.सीमा अग्रवाल
नदियां
नदियां
manjula chauhan
झोली फैलाए शामों सहर
झोली फैलाए शामों सहर
नूरफातिमा खातून नूरी
वक्त
वक्त
Shyam Sundar Subramanian
राम : लघुकथा
राम : लघुकथा
ज्ञानीचोर ज्ञानीचोर
हिंदी दोहे- पंडित
हिंदी दोहे- पंडित
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
सेंधी दोहे
सेंधी दोहे
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
आखिर वो माँ थी
आखिर वो माँ थी
Dr. Kishan tandon kranti
सारी दुनिया में सबसे बड़ा सामूहिक स्नान है
सारी दुनिया में सबसे बड़ा सामूहिक स्नान है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
*मन के धागे बुने तो नहीं है*
*मन के धागे बुने तो नहीं है*
Buddha Prakash
कुछ भी भूलती नहीं मैं,
कुछ भी भूलती नहीं मैं,
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
3394⚘ *पूर्णिका* ⚘
3394⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
■ आज का सवाल...
■ आज का सवाल...
*प्रणय प्रभात*
नींव की ईंट
नींव की ईंट
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
सच और सोच
सच और सोच
Neeraj Agarwal
*कबूतर (बाल कविता)*
*कबूतर (बाल कविता)*
Ravi Prakash
Aaj Aankhe nam Hain,🥹
Aaj Aankhe nam Hain,🥹
SPK Sachin Lodhi
निगाहें मिलाके सितम ढाने वाले ।
निगाहें मिलाके सितम ढाने वाले ।
Phool gufran
" जय भारत-जय गणतंत्र ! "
Surya Barman
शमशान और मैं l
शमशान और मैं l
सेजल गोस्वामी
याद
याद
Kanchan Khanna
World Tobacco Prohibition Day
World Tobacco Prohibition Day
Tushar Jagawat
********* कुछ पता नहीं *******
********* कुछ पता नहीं *******
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
राजनीतिक यात्रा फैशन में है, इमेज बिल्डिंग और फाइव स्टार सुव
राजनीतिक यात्रा फैशन में है, इमेज बिल्डिंग और फाइव स्टार सुव
Sanjay ' शून्य'
आपको हम
आपको हम
Dr fauzia Naseem shad
खुद पर भी यकीं,हम पर थोड़ा एतबार रख।
खुद पर भी यकीं,हम पर थोड़ा एतबार रख।
पूर्वार्थ
मेरे कुछ मुक्तक
मेरे कुछ मुक्तक
Sushila joshi
हे ईश्वर किसी की इतनी भी परीक्षा न लें
हे ईश्वर किसी की इतनी भी परीक्षा न लें
Gouri tiwari
★हसीन किरदार★
★हसीन किरदार★
★ IPS KAMAL THAKUR ★
Loading...