Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Mar 2023 · 1 min read

■ आज का लॉजिक

■ आज का लॉजिक
अंधे कुए में पड़े-पड़े बाहरी दुनिया के लिए क़ायदे-क़ानून बनाने वालों के ख़िलाफ़।
【प्रणय प्रभात】

1 Like · 265 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
नीरोगी काया
नीरोगी काया
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
अपना दिल
अपना दिल
Dr fauzia Naseem shad
अष्टम् तिथि को प्रगटे, अष्टम् हरि अवतार।
अष्टम् तिथि को प्रगटे, अष्टम् हरि अवतार।
डॉ.सीमा अग्रवाल
चंद्रयान 3
चंद्रयान 3
Dr Archana Gupta
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
Mukta Rashmi
धारा ३७० हटाकर कश्मीर से ,
धारा ३७० हटाकर कश्मीर से ,
ओनिका सेतिया 'अनु '
गुरू शिष्य का संबन्ध
गुरू शिष्य का संबन्ध
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
नया है रंग, है नव वर्ष, जीना चाहता हूं।
नया है रंग, है नव वर्ष, जीना चाहता हूं।
सत्य कुमार प्रेमी
"असल बीमारी"
Dr. Kishan tandon kranti
जिंदगी को बोझ नहीं मानता
जिंदगी को बोझ नहीं मानता
SATPAL CHAUHAN
आजकल अकेले में बैठकर रोना पड़ रहा है
आजकल अकेले में बैठकर रोना पड़ रहा है
Keshav kishor Kumar
3306.⚘ *पूर्णिका* ⚘
3306.⚘ *पूर्णिका* ⚘
Dr.Khedu Bharti
पापी करता पाप से,
पापी करता पाप से,
sushil sarna
#मेरे_दोहे
#मेरे_दोहे
*Author प्रणय प्रभात*
Rap song 【5】
Rap song 【5】
Nishant prakhar
* सत्य पथ पर *
* सत्य पथ पर *
surenderpal vaidya
किसी विमर्श के लिए विवादों की जरूरत खाद की तरह है जिनके ज़रि
किसी विमर्श के लिए विवादों की जरूरत खाद की तरह है जिनके ज़रि
Dr MusafiR BaithA
जिस तरीके से तुम हो बुलंदी पे अपने
जिस तरीके से तुम हो बुलंदी पे अपने
सिद्धार्थ गोरखपुरी
*अभिनंदन हे तर्जनी, तुम पॉंचों में खास (कुंडलिया)*
*अभिनंदन हे तर्जनी, तुम पॉंचों में खास (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
मदर्स डे
मदर्स डे
Satish Srijan
कहीं और हँसके खुशियों का इज़हार करते हैं ,अपनों से उखड़े रहकर
कहीं और हँसके खुशियों का इज़हार करते हैं ,अपनों से उखड़े रहकर
DrLakshman Jha Parimal
*
*"परछाई"*
Shashi kala vyas
Dr Arun Kumar Shastri
Dr Arun Kumar Shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
गैरो को कोई अपने बना कर तो देख ले
गैरो को कोई अपने बना कर तो देख ले
कृष्णकांत गुर्जर
क्यों पढ़ा नहीं भूगोल?
क्यों पढ़ा नहीं भूगोल?
AJAY AMITABH SUMAN
तनावमुक्त
तनावमुक्त
Kanchan Khanna
मनुष्य तुम हर बार होगे
मनुष्य तुम हर बार होगे
Harish Chandra Pande
जिसके हृदय में जीवों के प्रति दया है,
जिसके हृदय में जीवों के प्रति दया है,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
तुझसे कुछ नहीं चाहिये ए जिन्दगीं
तुझसे कुछ नहीं चाहिये ए जिन्दगीं
Jay Dewangan
Loading...