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7 Jul 2023 · 1 min read

ਮੁਕ ਜਾਣੇ ਨੇ ਇਹ ਸਾਹ

ਮੁਕ ਜਾਣੇ ਨੇ ਇਹ ਸਾਹ
ਉਦੋਂ ਸੱਜਣਾ।
ਦੇ ਤੁਰ ਗਿਓਂ ਕਦੀਂ
ਮੁਖ ਮੋੜ ਕੇ

ਸੁਰਿੰਦਰ

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