Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
13 Oct 2022 · 1 min read

हौंसला

रुका सा हूँ, थमा सा हूँ, थोड़ा सा मैं सहमा सा हूँ,
गुमसुम हूँ, अनजान हूँ, यूँ तो मैं गुमनाम हूँ,

निगाहों से ही कह जाते हैं, थोड़ा सा मुझे सह जाते हैं,
यूँ तो मैं अनजान नहीं, पर शब्द उनके मन में रह जाते हैं,

थोड़ी सी थकान है, दिल भी कुछ है भारी,
ना जाने आज फिर से क्यूँ आई है मेरी ही बारी,

घबराहट भी है, सुकून भी है और है थोड़ी सी बेबाक़ी,
ना जाने मन क्यूँ कहता है कि अभी हौंसला है बाक़ी।

2 Likes · 241 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
" मंजिल का पता ना दो "
Aarti sirsat
तितली
तितली
Manu Vashistha
11कथा राम भगवान की, सुनो लगाकर ध्यान
11कथा राम भगवान की, सुनो लगाकर ध्यान
Dr Archana Gupta
#देसी_ग़ज़ल
#देसी_ग़ज़ल
*Author प्रणय प्रभात*
भंडारे की पूड़ियाँ, देसी घी का स्वाद( हास्य कुंडलिया)
भंडारे की पूड़ियाँ, देसी घी का स्वाद( हास्य कुंडलिया)
Ravi Prakash
खिन्न हृदय
खिन्न हृदय
Dr.Pratibha Prakash
*सवर्ण (उच्च जाति)और शुद्र नीच (जाति)*
*सवर्ण (उच्च जाति)और शुद्र नीच (जाति)*
Rituraj shivem verma
शहीद दिवस
शहीद दिवस
Ram Krishan Rastogi
🇭🇺 झाँसी की वीरांगना
🇭🇺 झाँसी की वीरांगना
Pt. Brajesh Kumar Nayak
खुश है हम आज क्यों
खुश है हम आज क्यों
gurudeenverma198
गौण हुईं अनुभूतियाँ,
गौण हुईं अनुभूतियाँ,
sushil sarna
Meditation
Meditation
Ravikesh Jha
#एकताको_अंकगणित
#एकताको_अंकगणित
NEWS AROUND (SAPTARI,PHAKIRA, NEPAL)
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
मुखड़े पर खिलती रहे, स्नेह भरी मुस्कान।
surenderpal vaidya
बो रही हूं खाब
बो रही हूं खाब
Surinder blackpen
आप सभी को रक्षाबंधन के इस पावन पवित्र उत्सव का उरतल की गहराइ
आप सभी को रक्षाबंधन के इस पावन पवित्र उत्सव का उरतल की गहराइ
संजीव शुक्ल 'सचिन'
मैंने फत्ते से कहा
मैंने फत्ते से कहा
Satish Srijan
"अभ्यास"
Dr. Kishan tandon kranti
यादों की किताब पर खिताब
यादों की किताब पर खिताब
Mahender Singh
ग़जब सा सिलसला तेरी साँसों का
ग़जब सा सिलसला तेरी साँसों का
Satyaveer vaishnav
फितरत................एक आदत
फितरत................एक आदत
Neeraj Agarwal
!! प्रार्थना !!
!! प्रार्थना !!
Chunnu Lal Gupta
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक मायाजाल,समय का खेल, मन का ही कंट्र
बिलकुल सच है, व्यस्तता एक मायाजाल,समय का खेल, मन का ही कंट्र
पूर्वार्थ
*अपना अंतस*
*अपना अंतस*
Rambali Mishra
शायरी
शायरी
goutam shaw
जीवन !
जीवन !
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
गुम है
गुम है
Punam Pande
विचार, संस्कार और रस-4
विचार, संस्कार और रस-4
कवि रमेशराज
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
लिखें और लोगों से जुड़ना सीखें
DrLakshman Jha Parimal
24/240. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
24/240. *छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...