Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
28 Mar 2023 · 1 min read

होली पर बरसात हो , बरसें ऐसे रंग (कुंडलिया)*

होली पर बरसात हो , बरसें ऐसे रंग (कुंडलिया)*
————-
होली पर बरसात हो , बरसें ऐसे रंग
नीले पीले बैंजनी , रह जाएँ सब दंग
रह जाएँ सब दंग ,पेड़ पर गुँझियाँ आएँ
तोड़ें बच्चे ढेर ,पेट भर – भर कर खाएँ
कहते रवि कविराय ,कन्हैया करो ठिठोली
उड़ें हवा में लोग , मनाएँ नभ में होली
————–
रचयिता : रवि प्रकाश ,बाजार सर्राफा
रामपुर (उत्तर प्रदेश)
मोबाइल 99976 15451

177 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
नम्रता
नम्रता
ओंकार मिश्र
*शब्दों मे उलझे लोग* ( अयोध्या ) 21 of 25
*शब्दों मे उलझे लोग* ( अयोध्या ) 21 of 25
Kshma Urmila
वाणी वह अस्त्र है जो आपको जीवन में उन्नति देने व अवनति देने
वाणी वह अस्त्र है जो आपको जीवन में उन्नति देने व अवनति देने
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
चूरचूर क्यों ना कर चुकी हो दुनिया,आज तूं ख़ुद से वादा कर ले
चूरचूर क्यों ना कर चुकी हो दुनिया,आज तूं ख़ुद से वादा कर ले
Nilesh Premyogi
आ जाओ
आ जाओ
हिमांशु Kulshrestha
फिर क्यूँ मुझे?
फिर क्यूँ मुझे?
Pratibha Pandey
दूरी जरूरी
दूरी जरूरी
Sanjay ' शून्य'
अटूट सत्य - आत्मा की व्यथा
अटूट सत्य - आत्मा की व्यथा
Sumita Mundhra
*कुछ पुरातन और थोड़ा, आधुनिक गठजोड़ है (हिंदी गजल)*
*कुछ पुरातन और थोड़ा, आधुनिक गठजोड़ है (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
बट विपट पीपल की छांव ??
बट विपट पीपल की छांव ??
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
किया आप Tea लवर हो?
किया आप Tea लवर हो?
Urmil Suman(श्री)
चाहे तुम
चाहे तुम
Shweta Soni
बाल एवं हास्य कविता : मुर्गा टीवी लाया है।
बाल एवं हास्य कविता : मुर्गा टीवी लाया है।
Rajesh Kumar Arjun
विकटता और मित्रता
विकटता और मित्रता
Astuti Kumari
प्यार करता हूं और निभाना चाहता हूं
प्यार करता हूं और निभाना चाहता हूं
इंजी. संजय श्रीवास्तव
एक मुट्ठी राख
एक मुट्ठी राख
Shekhar Chandra Mitra
सहारा
सहारा
Neeraj Agarwal
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
रखो कितनी भी शराफत वफा सादगी
Mahesh Tiwari 'Ayan'
मां
मां
Dheerja Sharma
भय -भाग-1
भय -भाग-1
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
02/05/2024
02/05/2024
Satyaveer vaishnav
जीवन के लक्ष्य,
जीवन के लक्ष्य,
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
تہذیب بھلا بیٹھے
تہذیب بھلا بیٹھے
Ahtesham Ahmad
सुदामा कृष्ण के द्वार (1)
सुदामा कृष्ण के द्वार (1)
Vivek Ahuja
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
प्राण-प्रतिष्ठा(अयोध्या राम मन्दिर)
लक्ष्मी सिंह
जाड़ा
जाड़ा
नूरफातिमा खातून नूरी
I am always in search of the
I am always in search of the "why",
Manisha Manjari
छिपी हो जिसमें सजग संवेदना।
छिपी हो जिसमें सजग संवेदना।
Pt. Brajesh Kumar Nayak
खूबसूरती
खूबसूरती
Mangilal 713
2742. *पूर्णिका*
2742. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...