Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Oct 2016 · 1 min read

है सोच बुलँद अपनी

मेरी सोच…………………… आपकी नजर

है सोच बुलँद अपनी नजरिया भी न तंग रखते हैं
दिल से लगाते हैं गुलों को खारो को संग रखते हैं
*************************************
कपिल कुमार
24/10/2016

बुलँद………. ऊँची
खारो………काँटो
गुल………….फूल

Language: Hindi
Tag: शेर
173 Views
You may also like:
【6】** माँ **
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
सदा सुहागन रहो
VINOD KUMAR CHAUHAN
अमृत महोत्सव
Mahender Singh Hans
No one plans to fall in Love
Shivkumar Bilagrami
उमीद-ए-फ़स्ल का होना है ख़ून लानत है
Anis Shah
हिकायत से लिखी अब तख्तियां अच्छी नहीं लगती
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
तिरंगा लगाना तो सीखो
गायक और लेखक अजीत कुमार तलवार
योग दिवस पर कुछ दोहे
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
खुदा मुझको मिलेगा न तो (जानदार ग़ज़ल)
रकमिश सुल्तानपुरी
अभिव्यक्ति के ख़तरे उठाओ
Shekhar Chandra Mitra
बांस का चावल
सिद्धार्थ गोरखपुरी
कोरोना दोहा एकादशी
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
लोग समझते क्यों नही ?
पीयूष धामी
मरने की इजाज़त
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
*నమో గణేశ!*
विजय कुमार 'विजय'
विश्व पुस्तक दिवस
Rohit yadav
गं गणपत्ये! जय कमले!
श्री रमण 'श्रीपद्'
चांदनी चकोर सा रिश्ता तेरा मेरा
कवि दीपक बवेजा
⭐⭐सादगी बहुत अच्छी लगी तुम्हारी⭐⭐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
दूर तक साथ थी
Dr fauzia Naseem shad
वाक्यांश
Godambari Negi
आख़िरी मुलाकात
N.ksahu0007@writer
गन्ना जी ! गन्ना जी !
Buddha Prakash
*सीट महिलाओं को आरक्षित चुनावी रंग है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
फूलों से।
Anil Mishra Prahari
गम को भी प्यार दो!
Anamika Singh
“ वसुधेव कुटुम्बकंम ”
DrLakshman Jha Parimal
✍️आज तारीख 7-7✍️
'अशांत' शेखर
चुरा कर दिल मेरा,इल्जाम मुझ पर लगाती हो (व्यंग्य)
Ram Krishan Rastogi
अल्फाज़ ए ताज भाग-6
Taj Mohammad
Loading...