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24 Oct 2016 · 1 min read

है सोच बुलँद अपनी

मेरी सोच…………………… आपकी नजर

है सोच बुलँद अपनी नजरिया भी न तंग रखते हैं
दिल से लगाते हैं गुलों को खारो को संग रखते हैं
*************************************
कपिल कुमार
24/10/2016

बुलँद………. ऊँची
खारो………काँटो
गुल………….फूल

Language: Hindi
Tag: शेर
220 Views
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