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1 May 2023 · 1 min read

*हे महादेव आप दया के सागर है मैं विनती करती हूं कि मुझे क्षम

*हे महादेव आप दया के सागर है मैं विनती करती हूं कि मुझे क्षमा करें,मेरे उन अपराधो को के लिए जो मैने जाने अंजाने में शरीर ,वाणी , कर्म, श्रुतियों, आंखो से मस्तिष्क से किए हैं। हे करूणा के सागर शंभू आपकी जय हो जय हो…..🙏🏼🌹🔱⚡✨🌟⭐

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