Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2024 · 1 min read

हुआ जो मिलन, बाद मुद्दत्तों के, हम बिखर गए,

हुआ जो मिलन, बाद मुद्दत्तों के, हम बिखर गए,
मिले ऐसे एक दूजे से लिपटकर हम निखर गए !!
!
डी के निवातिया

70 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
ग़ज़ल की नक़ल नहीं है तेवरी + रमेशराज
ग़ज़ल की नक़ल नहीं है तेवरी + रमेशराज
कवि रमेशराज
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
पितृ स्वरूपा,हे विधाता..!
मनोज कर्ण
मेहनतकश अवाम
मेहनतकश अवाम
Shekhar Chandra Mitra
पहले क्यों तुमने, हमको अपने दिल से लगाया
पहले क्यों तुमने, हमको अपने दिल से लगाया
gurudeenverma198
**बकरा बन पल मे मै हलाल हो गया**
**बकरा बन पल मे मै हलाल हो गया**
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
क्या विरासत में हिस्सा मिलता है
क्या विरासत में हिस्सा मिलता है
Dr fauzia Naseem shad
💐प्रेम कौतुक-379💐
💐प्रेम कौतुक-379💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
हज़ारों साल
हज़ारों साल
abhishek rajak
एक बार बोल क्यों नहीं
एक बार बोल क्यों नहीं
goutam shaw
मुक्तक
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
"हास्य कथन "
Slok maurya "umang"
6-
6- "अयोध्या का राम मंदिर"
Dayanand
// श्री राम मंत्र //
// श्री राम मंत्र //
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सुरसरि-सा निर्मल बहे, कर ले मन में गेह।
सुरसरि-सा निर्मल बहे, कर ले मन में गेह।
डॉ.सीमा अग्रवाल
जीवन में जीत से ज्यादा सीख हार से मिलती है।
जीवन में जीत से ज्यादा सीख हार से मिलती है।
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आपात स्थिति में रक्तदान के लिए आमंत्रण देने हेतु सोशल मीडिया
आपात स्थिति में रक्तदान के लिए आमंत्रण देने हेतु सोशल मीडिया
*Author प्रणय प्रभात*
अभी जाम छल्का रहे आज बच्चे, इन्हें देख आँखें फटी जा रही हैं।
अभी जाम छल्का रहे आज बच्चे, इन्हें देख आँखें फटी जा रही हैं।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
रंजीत शुक्ल
रंजीत शुक्ल
Ranjeet Kumar Shukla
बिल्ले राम
बिल्ले राम
Kanchan Khanna
हम तुमको अपने दिल में यूँ रखते हैं
हम तुमको अपने दिल में यूँ रखते हैं
Shweta Soni
मन हो अगर उदास
मन हो अगर उदास
कवि दीपक बवेजा
*बादल (बाल कविता)*
*बादल (बाल कविता)*
Ravi Prakash
नया विज्ञापन
नया विज्ञापन
Otteri Selvakumar
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
🥀 *गुरु चरणों की धूल*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से
लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से
Shivkumar Bilagrami
रोगों से है यदि  मानव तुमको बचना।
रोगों से है यदि मानव तुमको बचना।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव
जागी जवानी
जागी जवानी
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मेरी नज़रों में इंतिख़ाब है तू।
मेरी नज़रों में इंतिख़ाब है तू।
Neelam Sharma
यूँ तो समुंदर बेवजह ही बदनाम होता है
यूँ तो समुंदर बेवजह ही बदनाम होता है
'अशांत' शेखर
(25) यह जीवन की साँझ, और यह लम्बा रस्ता !
(25) यह जीवन की साँझ, और यह लम्बा रस्ता !
Kishore Nigam
Loading...