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22 Jan 2017 · 1 min read

हाइकु : ओस प्रसंग

प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
~•~•~•~•~•~•~•~•~
हाइकु : ओस प्रसंग

01.
भोर का बिम्ब
पंखुड़ी बन गई
ओस प्रसंग ।
—0—
02.
कविता प्यारी
हरी पत्तियों पर
ओस सिहरी ।
—0—
03.
धुल लिपटी
मुरझाई पंखुरी
ओस से धुली ।
—0—
04.
रातें ठिठुरी
हरी देब पे मोती
निस्तब्ध पड़ी ।
—0—
05.
हिमानी प्रीत
टपकती बूँदें ये
शाश्वत गीत ।
—0—
06.
ओस झरती
पत्तियों पे ठहर
गीत सुनाती ।
—0—
07.
ओस नवल
नव वर्ष का करे
भोर स्वागत ।
—0—
08.
ऋतु हेमंत
रश्मि पी गयी ओस
प्रेम प्रसंग ।
—0—
09.
ओस के भाग
गले मिलीं पंखुरी
धन्य ये साथ ।
—0—
10.
ओस से स्नात
ठिठुरी पंखुरियाँ
ताजी गुलाब ।
—00—
– प्रदीप कुमार दाश “दीपक”
साहित्य प्रसार केन्द्र साँकरा
जिला – रायगढ़ [ छत्तीसगढ़ ]
मो.नं. 7828104111

Language: Hindi
568 Views
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