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20 Mar 2024 · 1 min read

हर रोज याद आऊं,

हर रोज याद आऊं,
इतना खाश रिश्ता तो नही,
लेकिन आसानी से भुला दी जाऊं,
इतना मामूली रिश्ता भी नही

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