Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
1 May 2023 · 1 min read

हर फूल गुलाब नहीं हो सकता,

हर फूल गुलाब नहीं हो सकता,
क्योंकि काँटों के बीच मुस्कराने
का दम सबके पास नहीं होता ।
a m prahari

632 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Anil Mishra Prahari
View all
You may also like:
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
अनर्गल गीत नहीं गाती हूं!
Mukta Rashmi
उस पद की चाहत ही क्या,
उस पद की चाहत ही क्या,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
वो कपटी कहलाते हैं !!
वो कपटी कहलाते हैं !!
Ramswaroop Dinkar
मैं कौन हूँ?मेरा कौन है ?सोच तो मेरे भाई.....
मैं कौन हूँ?मेरा कौन है ?सोच तो मेरे भाई.....
ठाकुर प्रतापसिंह "राणाजी"
■ सुबह-सुबह का ज्ञान।।
■ सुबह-सुबह का ज्ञान।।
*प्रणय प्रभात*
प्यासा पानी जानता,.
प्यासा पानी जानता,.
Vijay kumar Pandey
बुझदिल
बुझदिल
Dr.Pratibha Prakash
*हे शिव शंकर त्रिपुरारी,हर जगह तुम ही तुम हो*
*हे शिव शंकर त्रिपुरारी,हर जगह तुम ही तुम हो*
sudhir kumar
"स्वस्फूर्त होकर"
Dr. Kishan tandon kranti
चार दिन की जिंदगानी है यारों,
चार दिन की जिंदगानी है यारों,
Anamika Tiwari 'annpurna '
सत्य दृष्टि (कविता)
सत्य दृष्टि (कविता)
Dr. Narendra Valmiki
पर्यावरण सम्बन्धी स्लोगन
पर्यावरण सम्बन्धी स्लोगन
Kumud Srivastava
अमर काव्य
अमर काव्य
Pt. Brajesh Kumar Nayak
दिल लगाया है जहाॅं दिमाग न लगाया कर
दिल लगाया है जहाॅं दिमाग न लगाया कर
Manoj Mahato
*कुछ गुणा है कुछ घटाना, और थोड़ा जोड़ है (हिंदी गजल/ग
*कुछ गुणा है कुछ घटाना, और थोड़ा जोड़ है (हिंदी गजल/ग
Ravi Prakash
आंगन महक उठा
आंगन महक उठा
Harminder Kaur
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
बुद्ध फिर मुस्कुराए / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
मिलने के समय अक्सर ये दुविधा होती है
मिलने के समय अक्सर ये दुविधा होती है
Keshav kishor Kumar
"आओ मिलकर दीप जलायें "
Chunnu Lal Gupta
31/05/2024
31/05/2024
Satyaveer vaishnav
तुम बहुत प्यारे हो
तुम बहुत प्यारे हो
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
चरित्र साफ शब्दों में कहें तो आपके मस्तिष्क में समाहित विचार
चरित्र साफ शब्दों में कहें तो आपके मस्तिष्क में समाहित विचार
Rj Anand Prajapati
अनमोल वचन
अनमोल वचन
Jitendra Chhonkar
3120.*पूर्णिका*
3120.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
न अच्छे बनो न बुरे बनो
न अच्छे बनो न बुरे बनो
Sonam Puneet Dubey
Augmented Reality: Unveiling its Transformative Prospects
Augmented Reality: Unveiling its Transformative Prospects
Shyam Sundar Subramanian
ईर्ष्या
ईर्ष्या
Sûrëkhâ
दिल के सभी
दिल के सभी
Dr fauzia Naseem shad
I Fall In Love
I Fall In Love
Vedha Singh
ऋतुराज (घनाक्षरी )
ऋतुराज (घनाक्षरी )
डॉक्टर रागिनी
Loading...