Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Apr 2023 · 1 min read

हम हैं क्योंकि वह थे

बाबा साहेब,
अगर तुम न होते!
तो पढ़े-लिखे
शायद हम न होते!!
बढ़ती जाती
हमारी जिल्लत!
हम पर ज़ुल्म
कभी कम न होते!!
#जय_भीम #अंबेडकरजयंती
#JaiBhim #Ambedkar
#worldequalityday #OBC
#दलित #आदिवासी #पिछड़ा
#freedom #CasteSystem
#ambedkarite #गुलामी
#SocialJustice #बहुजन_क्रांति

Language: Hindi
261 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
सिय का जन्म उदार / माता सीता को समर्पित नवगीत
सिय का जन्म उदार / माता सीता को समर्पित नवगीत
ईश्वर दयाल गोस्वामी
शबनम छोड़ जाए हर रात मुझे मदहोश करने के बाद,
शबनम छोड़ जाए हर रात मुझे मदहोश करने के बाद,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
दुनिया तभी खूबसूरत लग सकती है
ruby kumari
संवेदनहीनता
संवेदनहीनता
संजीव शुक्ल 'सचिन'
उम्मीद कभी तू ऐसी मत करना
उम्मीद कभी तू ऐसी मत करना
gurudeenverma198
निर्मेष के दोहे
निर्मेष के दोहे
Dr. Ramesh Kumar Nirmesh
ईश्वर की कृपा दृष्टि व बड़े बुजुर्ग के आशीर्वाद स्वजनों की द
ईश्वर की कृपा दृष्टि व बड़े बुजुर्ग के आशीर्वाद स्वजनों की द
Shashi kala vyas
मौहब्बत अक्स है तेरा इबादत तुझको करनी है ।
मौहब्बत अक्स है तेरा इबादत तुझको करनी है ।
Phool gufran
वाराणसी की गलियां
वाराणसी की गलियां
PRATIK JANGID
पितर पाख
पितर पाख
Mukesh Kumar Sonkar
*कैकेई (कुंडलिया)*
*कैकेई (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
प्रेम ...
प्रेम ...
sushil sarna
" ऊँट "
Dr. Kishan tandon kranti
2549.पूर्णिका
2549.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
बड़े महंगे महगे किरदार है मेरे जिन्दगी में l
Ranjeet kumar patre
“बदलते भारत की तस्वीर”
“बदलते भारत की तस्वीर”
पंकज कुमार कर्ण
स्वस्थ तन
स्वस्थ तन
Sandeep Pande
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
निंदा और निंदक,प्रशंसा और प्रशंसक से कई गुना बेहतर है क्योंक
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
बह्र 2122 2122 212 फ़ाईलातुन फ़ाईलातुन फ़ाईलुन
बह्र 2122 2122 212 फ़ाईलातुन फ़ाईलातुन फ़ाईलुन
Neelam Sharma
क्यों ज़रूरी है स्कूटी !
क्यों ज़रूरी है स्कूटी !
Rakesh Bahanwal
इस जमाने जंग को,
इस जमाने जंग को,
Dr. Man Mohan Krishna
वो तुम्हारी पसंद को अपना मानता है और
वो तुम्हारी पसंद को अपना मानता है और
Rekha khichi
रुचि पूर्ण कार्य
रुचि पूर्ण कार्य
लक्ष्मी सिंह
■ आज का दोहा...
■ आज का दोहा...
*Author प्रणय प्रभात*
वो अनजाना शहर
वो अनजाना शहर
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
मोहब्बत से जिए जाना ज़रूरी है ज़माने में
मोहब्बत से जिए जाना ज़रूरी है ज़माने में
Johnny Ahmed 'क़ैस'
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
प्रेम का पुजारी हूं, प्रेम गीत ही गाता हूं
डॉ विजय कुमार कन्नौजे
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
खुद को संवार लूँ.... के खुद को अच्छा लगूँ
सिद्धार्थ गोरखपुरी
बेटा हिन्द का हूँ
बेटा हिन्द का हूँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
नाम हमने लिखा था आंखों में
नाम हमने लिखा था आंखों में
Surinder blackpen
Loading...