Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
18 Jul 2016 · 1 min read

हम सबयकायर कहलायेंगे।

***********************************
घर में घुस आये अरि को यदि सबक नहीं सिखलायेंगे।
सिंहासन के साथ साथ हम सब कायर कहलायेंगे।
आने वाली संतति हम पर थूकेगी, गाली देगी।
इतिहासों के पन्ने हम सबको मुजरिम दर्शायेंगे।।

****************************************

प्रदीप कुमार

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Comment · 302 Views
You may also like:
एक प्रयास अपने लिए भी
Dr fauzia Naseem shad
कुछ गङबङ है!!
Dr. Nisha Mathur
" निरोग योग "
Dr Meenu Poonia
पति पत्नी की नोक झोंक(हास्य व्यंग)
Ram Krishan Rastogi
ग्रामीण चेतना के महाकवि रामइकबाल सिंह ‘राकेश
श्रीहर्ष आचार्य
✍️दूरियाँ वो भी सहता है ✍️
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
मजदूर भाग -दो
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
तटस्थता आत्मघाती है
Shekhar Chandra Mitra
मुझे तो सदगुरु मिल गए ..
ओनिका सेतिया 'अनु '
माँ ब्रह्मचारिणी
Vandana Namdev
सेक्लुरिजम का पाठ
Anamika Singh
खा लो पी लो सब यहीं रह जायेगा।
सत्य कुमार प्रेमी
*"याचना"*
Shashi kala vyas
✍️तन्हा खामोश हूँ✍️
'अशांत' शेखर
*किनारे ने डुबाए जो, उन्हें डूबा नहीं मानो (मुक्तक)*
Ravi Prakash
बहुत हुशियार हो गए है लोग
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
मुलाकात
Buddha Prakash
आस्था
Shyam Sundar Subramanian
मुक्तक
पंकज कुमार कर्ण
उम्मीद
Harshvardhan "आवारा"
उम्मीद पूर्ण व सुखद जिंदगी
Aditya Prakash
कोई ना मुश्किल-कुशा मिल रहा है।
Taj Mohammad
poem
पंकज ललितपुर
शरद ऋतु ( प्रकृति चित्रण)
Vishnu Prasad 'panchotiya'
💐नाशवान् इच्छा एव पापस्य कारणं अविनाशी न💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मुक्तक
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
नर्सिंग दिवस विशेष
हरीश सुवासिया
साथ समय के चलना सीखो...
डॉ.सीमा अग्रवाल
भारत माँ के वीर सपूत
Kanchan Khanna
बुढापा
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...