Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
29 Oct 2022 · 1 min read

हम तेरे शरण में आए है।

हम तेरे शरण में आए है,
हे बुद्ध ! तुमसे पाने को ज्ञान,
जीवन अपना सफल बनाने,
माध्यम मार्ग अपनाने आए है।

हम तेरे शरण में आए है,
हे बुद्ध! बरसाओ करुणा अपार,
जीवन भर जाए खुशियों से,
वह सत्य मार्ग अपनाने आए है।

हम तेरे शरण में आए है,
हे बुद्ध! दिखा दो निर्वाण मार्ग,
जीवन हो जाए दुखो से पार,
अष्टांग मार्ग अपनाने आए है।

हम तेरे शरण में आए है,
बुद्धम शरणम् गच्छामि,
धम्मं शरणम् गच्छामि,
संघं शरणम् गच्छामि।

रचनाकार
✍🏼✍🏼
बुद्ध प्रकाश
मौदहा हमीरपुर।

3 Likes · 4 Comments · 327 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Buddha Prakash
View all
You may also like:
तब जानोगे
तब जानोगे
विजय कुमार नामदेव
कौन कहता ये यहां नहीं है ?🙏
कौन कहता ये यहां नहीं है ?🙏
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
"अगर तू अपना है तो एक एहसान कर दे
कवि दीपक बवेजा
प्रीति के दोहे, भाग-2
प्रीति के दोहे, भाग-2
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
भेद नहीं ये प्रकृति करती
भेद नहीं ये प्रकृति करती
Buddha Prakash
सर्दी का उल्लास
सर्दी का उल्लास
Harish Chandra Pande
दोहा
दोहा
Ravi Prakash
कलयुग मे घमंड
कलयुग मे घमंड
Anil chobisa
मौन तपधारी तपाधिन सा लगता है।
मौन तपधारी तपाधिन सा लगता है।
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
*दायरे*
*दायरे*
DR ARUN KUMAR SHASTRI
मेरी पंचवटी
मेरी पंचवटी
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
यारों का यार भगतसिंह
यारों का यार भगतसिंह
Shekhar Chandra Mitra
दोस्ती के धरा पर संग्राम ना होगा
दोस्ती के धरा पर संग्राम ना होगा
Er.Navaneet R Shandily
आज की शाम।
आज की शाम।
Dr. Jitendra Kumar
माँ
माँ
Sidhartha Mishra
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
तो तुम कैसे रण जीतोगे, यदि स्वीकार करोगे हार?
महेश चन्द्र त्रिपाठी
Muhabhat guljar h,
Muhabhat guljar h,
Sakshi Tripathi
ये शास्वत है कि हम सभी ईश्वर अंश है। परंतु सबकी परिस्थितियां
ये शास्वत है कि हम सभी ईश्वर अंश है। परंतु सबकी परिस्थितियां
Sanjay ' शून्य'
गाँव का दृश्य (गीत)
गाँव का दृश्य (गीत)
प्रीतम श्रावस्तवी
मां तुम बहुत याद आती हो
मां तुम बहुत याद आती हो
Mukesh Kumar Sonkar
कौन किसके बिन अधूरा है
कौन किसके बिन अधूरा है
Ram Krishan Rastogi
!! फूल चुनने वाले भी‌ !!
!! फूल चुनने वाले भी‌ !!
Chunnu Lal Gupta
अपनों की ठांव .....
अपनों की ठांव .....
Awadhesh Kumar Singh
■ उदाहरण देने की ज़रूरत नहीं। सब आपके आसपास हैं। तमाम सुर्खिय
■ उदाहरण देने की ज़रूरत नहीं। सब आपके आसपास हैं। तमाम सुर्खिय
*Author प्रणय प्रभात*
वक्त
वक्त
Namrata Sona
मुझे हमेशा लगता था
मुझे हमेशा लगता था
ruby kumari
💐ध्रुवमहाभागस्य प्रेम💐
💐ध्रुवमहाभागस्य प्रेम💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
मुसलसल ईमान रख
मुसलसल ईमान रख
Bodhisatva kastooriya
परिवार, प्यार, पढ़ाई का इतना टेंशन छाया है,
परिवार, प्यार, पढ़ाई का इतना टेंशन छाया है,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
राजे तुम्ही पुन्हा जन्माला आलाच नाही
राजे तुम्ही पुन्हा जन्माला आलाच नाही
Shinde Poonam
Loading...