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20 May 2023 · 1 min read

हवाओं का मिज़ाज जो पहले था वही रहा

हमने चलना नही छोड़ा
बढ़ना नही छोड़ा
छोड़ दिये रिश्ते नाते मेले ठेले
मगर पढ़ना नही छोड़ा
इस सफर मे बदला बहुत कुछ
मगर कुछ जस का तस रहा
जैसे
जमाने का अंदाज जो पहले था वही रहा
हवाओं का मिज़ाज जो पहले था वही रहा
मारूफ आलम

Language: Hindi
517 Views
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