Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Sep 2022 · 1 min read

हमनें ख़्वाबों को देखना छोड़ा

अपनी मर्ज़ी की कर ले अब दुनिया ।
हमनें ख़्वाबों को देखना छोड़ा ।।

डाॅ फौज़िया नसीम शाद

Language: Hindi
Tag: शेर
8 Likes · 83 Views
You may also like:
धर्म अधर्म
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
नफरत के कांटे
shabina. Naaz
रहने वाली वो परी थी ख़्वाबों के शहर में
Faza Saaz
चलो दूर चलें
VINOD KUMAR CHAUHAN
ईश्वर ने दिया जिंन्दगी
Anamika Singh
मम्मी थी इसलिए मैं हूँ...!! मम्मी I Miss U😔
Ravi Malviya
गीत -
Mahendra Narayan
कलम की नश्तर
Shekhar Chandra Mitra
जब उम्मीदों की स्याही कलम के साथ चलती है।
Manisha Manjari
शुभ दीवाली(गीत)
Ravi Prakash
दीपावली :दोहे
Sushila Joshi
पानी में सब गाँव।
Anil Mishra Prahari
ऐ प्यारी हिन्दी......
Aditya Prakash
ऐसे हैं मेरे पापा
Dr Meenu Poonia
themetics of love
DR ARUN KUMAR SHASTRI
पिता पच्चीसी दोहावली
Subhash Singhai
🌺🍀दोषा: च एतेषां सत्ता🍀🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
जीने का नजरिया अंदर चाहिए।
Taj Mohammad
हठीले हो बड़े निष्ठुर
लक्ष्मी सिंह
सुनती नहीं तुम
शिव प्रताप लोधी
✍️दो और दो पाँच✍️
'अशांत' शेखर
मोबाइल का आशिक़
आकाश महेशपुरी
कृष्ण अर्जुन संवाद
Ravi Yadav
हम जिधर जाते हैं
Dr fauzia Naseem shad
गुमान
AJAY AMITABH SUMAN
जुद़ा किनारे हो गये
शेख़ जाफ़र खान
एक कमरे की जिन्दगी!!!
Dr. Nisha Mathur
आजादी का दौर
Seema 'Tu hai na'
जीवन-रथ के सारथि_पिता
मनोज कर्ण
ये ख्वाब न होते तो क्या होता?
सिद्धार्थ गोरखपुरी
Loading...