Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
20 Jan 2017 · 1 min read

” हँसते हँसते , कट गया दिन ” !!

बिछ गयी चादर ,
दरिया किनारे !
होंसलों को देख ,
विहँसे नज़ारे !
चिंतन , मनन ,
विस्मरण हुआ !
अनछुए पहलुओं को ,
हमने छुआ !
एकांत में सरस –
लगे पल छिन !!

मिट गयी थकन ,
विश्राम करते !
फिर नया संबल ,
पा के हरषे !
जतन , कथन ,
अभिनंदन हुआ !
कसमसाते बंधनों में ,
कसकी हया !
नेह की बजी बंसी –
श्वासों की धुन !!

मुस्कराती धरा ,
आसमां लुटता !
प्रेम की गुंजन ,
मन थिरकता !
मगन , ठगन ,
आलिंगन हुआ !
धड़कते दिलों में ,
बहका जिया !
मुस्कानें अधर बसी –
ऐसे किये जतन !!

Language: Hindi
Tag: गीत
716 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from भगवती प्रसाद व्यास " नीरद "
View all
You may also like:
"माँ की छवि"
Ekta chitrangini
जिंदगी को बड़े फक्र से जी लिया।
जिंदगी को बड़े फक्र से जी लिया।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
वह सिर्फ पिता होता है
वह सिर्फ पिता होता है
Dinesh Gupta
कलम की ताकत और कीमत को
कलम की ताकत और कीमत को
Aarti Ayachit
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
फ़ेसबुक पर पिता दिवस / मुसाफ़िर बैठा
Dr MusafiR BaithA
*श्री हनुमंत चरित्र (कुंडलिया)*
*श्री हनुमंत चरित्र (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
कहता है सिपाही
कहता है सिपाही
Vandna thakur
निगाहें
निगाहें
जय लगन कुमार हैप्पी
“जिंदगी की राह ”
“जिंदगी की राह ”
Yogendra Chaturwedi
"सोच अपनी अपनी"
Dr Meenu Poonia
चौथ का चांद
चौथ का चांद
Dr. Seema Varma
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Maine Dekha Hai Apne Bachpan Ko!
Srishty Bansal
ज़ुल्फो उड़ी तो काली घटा कह दिया हमने।
ज़ुल्फो उड़ी तो काली घटा कह दिया हमने।
Phool gufran
* मन में उभरे हुए हर सवाल जवाब और कही भी नही,,
* मन में उभरे हुए हर सवाल जवाब और कही भी नही,,
Vicky Purohit
रक्षाबंधन
रक्षाबंधन
Dr. Pradeep Kumar Sharma
पुनर्जागरण काल
पुनर्जागरण काल
Dr.Pratibha Prakash
प्रिय विरह
प्रिय विरह
लक्ष्मी सिंह
बुध्द गीत
बुध्द गीत
Buddha Prakash
#हँसी
#हँसी
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
😊 #हास्य_गीत-
😊 #हास्य_गीत-
*Author प्रणय प्रभात*
आदिवासी -देविता
आदिवासी -देविता
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मैं जवान हो गई
मैं जवान हो गई
Basant Bhagawan Roy
मार न डाले जुदाई
मार न डाले जुदाई
Shekhar Chandra Mitra
इस धरा पर अगर कोई चीज आपको रुचिकर नहीं लगता है,तो इसका सीधा
इस धरा पर अगर कोई चीज आपको रुचिकर नहीं लगता है,तो इसका सीधा
Paras Nath Jha
बदली है मुफ़लिसी की तिज़ारत अभी यहाँ
बदली है मुफ़लिसी की तिज़ारत अभी यहाँ
Mahendra Narayan
परिवार
परिवार
Neeraj Agarwal
असंवेदनशीलता
असंवेदनशीलता
Shyam Sundar Subramanian
अतीत - “टाइम मशीन
अतीत - “टाइम मशीन"
Atul "Krishn"
यादे
यादे
Dr fauzia Naseem shad
Dr. Arun Kumar shastri
Dr. Arun Kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
Loading...