Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
14 Feb 2017 · 1 min read

स्त्री ! सच तुम महान हो..

एक स्त्री ही कर सकती है निर्माण
अपने परिवार का
एक स्त्री ही कर सकती मजधार
से बेडा पार अपने परिवार का

आज जब देखता हूँ गर्भ
में हत्या होते हुए बालिका के भ्रूण की
उठ जाते हैं न जाने कितने
तूफ़ान मेरे दिल के अंदर

क्यों कर के यह लज्जा वाला काम ,ओ इस
को पैदा होने से पहले मारने वालो
किस काम का तुम्हारा यह अभिमान
ओ इस जीव की हत्या करने वालो

वो माँ है, वो बेटी है, वो बहन है,
वो पत्नी है, वो दादी है, पड़दादी है
वो मार्ग दर्शक है , वो तेरा सब कुछ है
वो तेरा कर्म सिधारक है, वो तेरा माली है
नमन कर उसका, अभिनन्दन कर उसका
वो तेरी रक्षा करने वाली है

तुझ पर कर्ज बहुत हैं उसके , हे वनमाली
तू भूल स्वीकार कर अपनी, वो तेरी है वनमाली
तुझे पैदा उस ने किया, दर्द सहन कर करके
दुनिया से छुपा कर रखा ,वो कितनी है सहने वाली !!

अजीत कुमार तलवार
मेरठ

Language: Hindi
509 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
View all
You may also like:
वतन की राह में, मिटने की हसरत पाले बैठा हूँ
वतन की राह में, मिटने की हसरत पाले बैठा हूँ
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
सच समझने में चूका तंत्र सारा
सच समझने में चूका तंत्र सारा
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
बदलते दौर में......
बदलते दौर में......
Dr. Akhilesh Baghel "Akhil"
लगता है आवारगी जाने लगी है अब,
लगता है आवारगी जाने लगी है अब,
Deepesh सहल
शौक-ए-आदम
शौक-ए-आदम
AJAY AMITABH SUMAN
ఇదే నా భారత దేశం.
ఇదే నా భారత దేశం.
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
लिखता हम त मैथिल छी ,मैथिली हम नहि बाजि सकैत छी !बच्चा सभक स
लिखता हम त मैथिल छी ,मैथिली हम नहि बाजि सकैत छी !बच्चा सभक स
DrLakshman Jha Parimal
"आंधी की तरह आना, तूफां की तरह जाना।
*Author प्रणय प्रभात*
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
तुम नि:शब्द साग़र से हो ,
Stuti tiwari
दुनियां और जंग
दुनियां और जंग
सत्य कुमार प्रेमी
*रखो सम्मोहक बोली 【कुंडलिया】*
*रखो सम्मोहक बोली 【कुंडलिया】*
Ravi Prakash
#DrArunKumarshastri
#DrArunKumarshastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
तू सच में एक दिन लौट आएगी मुझे मालूम न था…
तू सच में एक दिन लौट आएगी मुझे मालूम न था…
Anand Kumar
वक्त के आगे
वक्त के आगे
Sangeeta Beniwal
சிந்தனை
சிந்தனை
Shyam Sundar Subramanian
भाई हो तो कृष्णा जैसा
भाई हो तो कृष्णा जैसा
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
अधूरी हसरतें
अधूरी हसरतें
Surinder blackpen
सुख-साधन से इतर मुझे तुम दोगे क्या?
सुख-साधन से इतर मुझे तुम दोगे क्या?
Shweta Soni
श्रम दिवस
श्रम दिवस
SATPAL CHAUHAN
आंसू
आंसू
नूरफातिमा खातून नूरी
जब तक नहीं है पास,
जब तक नहीं है पास,
Satish Srijan
परख: जिस चेहरे पर मुस्कान है, सच्चा वही इंसान है!
परख: जिस चेहरे पर मुस्कान है, सच्चा वही इंसान है!
Rohit Gupta
वक़्त गुज़रे तो
वक़्त गुज़रे तो
Dr fauzia Naseem shad
Us jamane se iss jamane tak ka safar ham taye karte rhe
Us jamane se iss jamane tak ka safar ham taye karte rhe
Sakshi Tripathi
खंड 8
खंड 8
Rambali Mishra
नहीं मिलते सभी सुख हैं किसी को भी ज़माने में
नहीं मिलते सभी सुख हैं किसी को भी ज़माने में
आर.एस. 'प्रीतम'
प्यार की बात है कैसे कहूं तुम्हें
प्यार की बात है कैसे कहूं तुम्हें
Er. Sanjay Shrivastava
पुरानी यादें ताज़ा कर रही है।
पुरानी यादें ताज़ा कर रही है।
Manoj Mahato
बरगद पीपल नीम तरु
बरगद पीपल नीम तरु
लक्ष्मी सिंह
"मैं मोहब्बत हूँ"
Dr. Kishan tandon kranti
Loading...