Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Feb 2021 · 1 min read

सेमल

सेमल कल तक था खड़ा,यूँ ही नंग धरंग।
प्रिय बसंत का आगमन,निखर उठा हर अंग।।

हाड़-मांस को फोड़ कर,फूट पड़ा हर अंग।
रक्त पुष्प बन कर खिला, दहक रहा है संग।।

डाली-डाली खिल उठा,स्वागत में ऋतु राज।
कुंदन कुसुमों से सजा, महा वृक्ष है आज।।

लगा साँवली देह पर, लाल रंग का फूल।
पहन लिये कुर्ता हरा,वृक्ष रहा है झूल।।

चोंच मारती पुष्प पर,करती विहग किलोल।
देख-देख हर्षित भ्रमर, रहे पुष्प पर डोल।।

बड़ा रंगीला लग रहा,सेमल का यह रूप।
छेड़ रही छूकर हवा,चूम रही मुख धूप।।

सेमल काला था पड़ा,श्यामल हुआ शरीर ।
ठिठुर रहा था ठंड से,शिशिर चलाया तीर।।

आज सलोना लग रहा,सेमल का हर अंग।
हरे लाल के बीच में,शोभे काला रंग।।

लाल पुष्प में क्रोध है,उष्मा से भरपूर।
फल कोमल रूई बना,हुआ क्रोध सब दूर ।।

बिखर दिए फल फूटकर,श्वेत सुकोमल फाह।
उड़-उड़ कर कहने लगी,हुई पूर्ण सब चाह।।

-लक्ष्मी सिंह
नई दिल्ली

Language: Hindi
3 Likes · 2 Comments · 488 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from लक्ष्मी सिंह
View all
You may also like:
*भरा है नेह से जो भी, उसी की शुद्ध काया है (मुक्तक)*
*भरा है नेह से जो भी, उसी की शुद्ध काया है (मुक्तक)*
Ravi Prakash
हर शक्स की नजरो से गिर गए जो इस कदर
हर शक्स की नजरो से गिर गए जो इस कदर
कृष्णकांत गुर्जर
शक
शक
Paras Nath Jha
"श्रृंगारिका"
Ekta chitrangini
23/187.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
23/187.*छत्तीसगढ़ी पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
दिये को रोशन बनाने में रात लग गई
कवि दीपक बवेजा
ये चिल्ले जाड़े के दिन / MUSAFIR BAITHA
ये चिल्ले जाड़े के दिन / MUSAFIR BAITHA
Dr MusafiR BaithA
हमें कोयले संग हीरे मिले हैं।
हमें कोयले संग हीरे मिले हैं।
surenderpal vaidya
अधूरी दास्तान
अधूरी दास्तान
हिमांशु बडोनी (दयानिधि)
■ एकाकी जीवन
■ एकाकी जीवन
*Author प्रणय प्रभात*
इमोशनल पोस्ट
इमोशनल पोस्ट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अश्क तन्हाई उदासी रह गई - संदीप ठाकुर
अश्क तन्हाई उदासी रह गई - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
Iss chand ke diwane to sbhi hote hai
Iss chand ke diwane to sbhi hote hai
Sakshi Tripathi
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
छठ व्रत की शुभकामनाएँ।
Anil Mishra Prahari
I am sun
I am sun
Rajan Sharma
मकर संक्रांति
मकर संक्रांति
डॉ प्रवीण कुमार श्रीवास्तव, प्रेम
मन में क्यों भरा रहे घमंड
मन में क्यों भरा रहे घमंड
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
मैं को तुम
मैं को तुम
Dr fauzia Naseem shad
कहानी ( एक प्यार ऐसा भी )
कहानी ( एक प्यार ऐसा भी )
श्याम सिंह बिष्ट
इन आँखों को भी अब हकीम की जरूरत है..
इन आँखों को भी अब हकीम की जरूरत है..
Tarun Garg
जिंदगी किसी की आसान नहीं होती...
जिंदगी किसी की आसान नहीं होती...
AMRESH KUMAR VERMA
मार न डाले जुदाई
मार न डाले जुदाई
Shekhar Chandra Mitra
BLACK DAY (PULWAMA ATTACK)
BLACK DAY (PULWAMA ATTACK)
Jyoti Khari
मैं अपनी खूबसूरत दुनिया में
मैं अपनी खूबसूरत दुनिया में
ruby kumari
💐प्रेम कौतुक-423💐
💐प्रेम कौतुक-423💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
* तुगलकी फरमान*
* तुगलकी फरमान*
Dushyant Kumar
मेरी सोच मेरे तू l
मेरी सोच मेरे तू l
सेजल गोस्वामी
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
नौकरी न मिलने पर अपने आप को अयोग्य वह समझते हैं जिनके अंदर ख
Gouri tiwari
पृष्ठों पर बांँध से बांँधी गई नारी सरिता
पृष्ठों पर बांँध से बांँधी गई नारी सरिता
Neelam Sharma
“पहाड़ी झरना”
“पहाड़ी झरना”
Awadhesh Kumar Singh
Loading...