Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Aug 2021 · 1 min read

सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने…

मोह माया में रमा नहीं,
वह महामाया का लाल हुआ,
राज-पाट के महलों में जन्मा,
राजा शुद्धोधन का ‘सिद्धार्थ’ हुआ,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।१।

आनंद विलास के भ्रमित संसार में,
यशोधरा से विवाह हुआ,
जन्म-मरण के जीवन में,
राहुल पुत्र का सौभाग्य मिला,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।२।

छन्दक कंथक को ले सिद्धार्थ संग,
राज भ्रमण को साथ चला ,
भेंट हुई बीच राह में,
वह चार दृश्य संसार का ,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।३।

झुकी कमर लाठी की टेक में,
निर्बल प्राणी बाल सफेद थे,
देख वह ‘बूढ़ा’ बुजुर्ग संसार में,
मन में एक सवाल जगा,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।४।

पीड़ा से तड़प रहा था ,
ऐसा एक अनजान मिला,
आंँखों में आंँसू लिए हुए ,
‘रोगी’ से विचार हुआ,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।५।

शोक में डूबे भीड़ जगत में,
कंधों में जाता एक इंसान मिला,
एक दिन सबको जाना है त्याग जीवन को,
‘मृत शरीर’ होने का एहसास हुआ,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।६।

जीवन में दुख है सुख अस्थायी,
मिला राह में एक ऐसा राही,
प्रसन्न मन और उज्जवल चित्त लिए,
‘सन्यासी’ दिख रहा खुश था,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।७।

छन्दक ने बताया कुँवर को,
प्राणी होते प्राण है जिसमें,
बच न सका कोई दुख के संसार में,
मानव का कल्याण करें,
सिद्धार्थ से वह ‘बुद्ध’ बने …..।।८।

रचनाकार-
****बुद्ध प्रकाश,
मौदहा हमीरपुर ।

7 Likes · 4 Comments · 1043 Views
You may also like:
करना धनवर्षा उस घर
gurudeenverma198
क्या तुम आजादी के नाम से, कुछ भी कर सकते...
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
घड़ी और समय
Buddha Prakash
कभी - कभी .........
लक्ष्मण 'बिजनौरी'
राजनीति मे दलबदल
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
” हृदय से ना जुड़ सके तो मित्र कैसे रह...
DrLakshman Jha Parimal
*"वो दिन जो हम साथ गुजारे थे"*
Shashi kala vyas
रूसवा है मुझसे जिंदगी
VINOD KUMAR CHAUHAN
🌺🌸प्रेम की राह पर-65🌸🌺
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सेक्लुरिजम का पाठ
Anamika Singh
मंजिल की तलाश
AMRESH KUMAR VERMA
जिन्दगी की रफ़्तार
मनोज कर्ण
“ कोरोना ”
DESH RAJ
निगाहें
जय लगन कुमार हैप्पी
आया आषाढ़
श्री रमण 'श्रीपद्'
सुकून
Harshvardhan "आवारा"
हाथ में खंजर लिए
Dr. Rajendra Singh 'Rahi'
~~~ स्कूल मेरी शान है ~~~
Rajesh Kumar Arjun
काश ! तेरी निगाह मेरे से मिल जाती
Ram Krishan Rastogi
गुरु महिमा
Vishnu Prasad 'panchotiya'
रिश्ते
कुलदीप दहिया "मरजाणा दीप"
आप हारेंगे हौसला जब भी
Dr fauzia Naseem shad
*पुस्तक समीक्षा*
Ravi Prakash
कालजयी कलाकार
Shekhar Chandra Mitra
लबों से बोलना बेकार है।
Taj Mohammad
■ कटाक्ष/ उलाहना
*प्रणय प्रभात*
रहने वाली वो परी थी ख़्वाबों के शहर में
Faza Saaz
✍️हम बाहर हो गये
'अशांत' शेखर
आई लव यू / आई मिस यू
N.ksahu0007@writer
जन्मों के प्यार का इंतजार
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
Loading...