Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
12 Apr 2023 · 1 min read

सिंहावलोकन घनाक्षरी*

सिंहावलोकन घनाक्षरी*
जाओगे भाग रण से,याद करो भूतकाल,
राह भी मिलेगी नहीं,फिर पछताओगे।
पछताओगे यों बैठ,अपने कुकर्म पर,
कर सीमा पार जब, भारत में आओगे।
आओगे तो छुपकर,पर हम ढूँढ लेंगे,
काट देंगे बोटी बोटी, बच नहीं पाओगे।
पाओगे मार काट से,जन्नत की हूर कैसे,
मरोगे तो सीधे बस ,नरक ही जाओगे।।
डाॅ बिपिन पाण्डेय

1 Like · 356 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
चुनिंदा अश'आर
चुनिंदा अश'आर
Dr fauzia Naseem shad
धीरे-धीरे रूप की,
धीरे-धीरे रूप की,
sushil sarna
शमशान की राख देखकर मन में एक खयाल आया
शमशान की राख देखकर मन में एक खयाल आया
शेखर सिंह
खोज करो तुम मन के अंदर
खोज करो तुम मन के अंदर
Buddha Prakash
सिखों का बैसाखी पर्व
सिखों का बैसाखी पर्व
कवि रमेशराज
बहुत जरूरी है तो मुझे खुद को ढूंढना
बहुत जरूरी है तो मुझे खुद को ढूंढना
Ranjeet kumar patre
सताया ना कर ये जिंदगी
सताया ना कर ये जिंदगी
Rituraj shivem verma
बारह ज्योतिर्लिंग
बारह ज्योतिर्लिंग
सत्य कुमार प्रेमी
जिंदगी
जिंदगी
अखिलेश 'अखिल'
एक दिन
एक दिन
Harish Chandra Pande
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
हाथों की लकीरों को हम किस्मत मानते हैं।
Neeraj Agarwal
देश की हालात
देश की हालात
Dr. Man Mohan Krishna
-- फ़ितरत --
-- फ़ितरत --
गायक - लेखक अजीत कुमार तलवार
सोनू की चतुराई
सोनू की चतुराई
Dr. Pradeep Kumar Sharma
*आवारा कुत्तों की समस्या: नगर पालिका रामपुर द्वारा आवेदन का
*आवारा कुत्तों की समस्या: नगर पालिका रामपुर द्वारा आवेदन का
Ravi Prakash
हमे अब कहा फिक्र जमाने की है
हमे अब कहा फिक्र जमाने की है
पूर्वार्थ
"कीमत"
Dr. Kishan tandon kranti
* मायने हैं *
* मायने हैं *
surenderpal vaidya
2555.पूर्णिका
2555.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
आवारापन एक अमरबेल जैसा जब धीरे धीरे परिवार, समाज और देश रूपी
आवारापन एक अमरबेल जैसा जब धीरे धीरे परिवार, समाज और देश रूपी
Sanjay ' शून्य'
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
Khaimsingh Saini
चरम सुख
चरम सुख
मनोज कर्ण
रूठ जा..... ये हक है तेरा
रूठ जा..... ये हक है तेरा
सिद्धार्थ गोरखपुरी
बर्फ़ीली घाटियों में सिसकती हवाओं से पूछो ।
बर्फ़ीली घाटियों में सिसकती हवाओं से पूछो ।
Manisha Manjari
तुम ही रहते सदा ख्यालों में
तुम ही रहते सदा ख्यालों में
Dr Archana Gupta
मातृभाषा हिन्दी
मातृभाषा हिन्दी
ऋचा पाठक पंत
"द्वंद"
Saransh Singh 'Priyam'
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
#हमारे_सरोकार
#हमारे_सरोकार
*प्रणय प्रभात*
बिल्ले राम
बिल्ले राम
Kanchan Khanna
Loading...