Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
27 Jul 2016 · 1 min read

सावन

मुक्तक
◆◆◆◆◆◆

झूले पड़े मन के बागों में

सुर बरसे सुरीली रागों में

आया सावन सखी झूम-झूम

खुशियाँ भरी हृदय-तड़ागों में !

*****
डॉ.अनिता जैन “विपुला”

Language: Hindi
1 Comment · 438 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
जो दूरियां हैं दिल की छिपाओगे कब तलक।
जो दूरियां हैं दिल की छिपाओगे कब तलक।
सत्य कुमार प्रेमी
फूल कभी भी बेजुबाॅ॑ नहीं होते
फूल कभी भी बेजुबाॅ॑ नहीं होते
VINOD CHAUHAN
बापू गाँधी
बापू गाँधी
Kavita Chouhan
तालाश
तालाश
तारकेश्‍वर प्रसाद तरुण
जल रहे अज्ञान बनकर, कहेें मैं शुभ सीख हूँ
जल रहे अज्ञान बनकर, कहेें मैं शुभ सीख हूँ
Pt. Brajesh Kumar Nayak
नाम में सिंह लगाने से कोई आदमी सिंह नहीं बन सकता बल्कि उसका
नाम में सिंह लगाने से कोई आदमी सिंह नहीं बन सकता बल्कि उसका
Dr. Man Mohan Krishna
" तू "
Dr. Kishan tandon kranti
हैं सितारे डरे-डरे फिर से - संदीप ठाकुर
हैं सितारे डरे-डरे फिर से - संदीप ठाकुर
Sandeep Thakur
मिथ्या इस  संसार में,  अर्थहीन  सम्बंध।
मिथ्या इस संसार में, अर्थहीन सम्बंध।
sushil sarna
Subah ki hva suru hui,
Subah ki hva suru hui,
Stuti tiwari
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
कभी फुरसत मिले तो पिण्डवाड़ा तुम आवो
gurudeenverma198
कभी कभी किसी व्यक्ति(( इंसान))से इतना लगाव हो जाता है
कभी कभी किसी व्यक्ति(( इंसान))से इतना लगाव हो जाता है
Rituraj shivem verma
#तेवरी / #अफ़सरी
#तेवरी / #अफ़सरी
*Author प्रणय प्रभात*
मनुष्य को
मनुष्य को
ओंकार मिश्र
Wo veer purta jo rote nhi
Wo veer purta jo rote nhi
Sakshi Tripathi
जिसे मैं ने चाहा हद से ज्यादा,
जिसे मैं ने चाहा हद से ज्यादा,
Sandeep Mishra
मां की दूध पीये हो तुम भी, तो लगा दो अपने औलादों को घाटी पर।
मां की दूध पीये हो तुम भी, तो लगा दो अपने औलादों को घाटी पर।
Anand Kumar
हमारी जिंदगी भरना, सदा माँ शुभ विचारों से (गीत)
हमारी जिंदगी भरना, सदा माँ शुभ विचारों से (गीत)
Ravi Prakash
उठो पथिक थक कर हार ना मानो
उठो पथिक थक कर हार ना मानो
सुशील मिश्रा ' क्षितिज राज '
मुक्तक
मुक्तक
Rajesh Tiwari
निराला का मुक्त छंद
निराला का मुक्त छंद
Shweta Soni
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
हाल ऐसा की खुद पे तरस आता है
Kumar lalit
2812. *पूर्णिका*
2812. *पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
सफ़र
सफ़र
Shyam Sundar Subramanian
अथर्व आज जन्मदिन मनाएंगे
अथर्व आज जन्मदिन मनाएंगे
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
बेवफा
बेवफा
Neeraj Agarwal
टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना...
टूटकर, बिखर कर फ़िर सवरना...
Jyoti Khari
पिंजरे के पंछी को उड़ने दो
पिंजरे के पंछी को उड़ने दो
Dr Nisha nandini Bhartiya
सब वर्ताव पर निर्भर है
सब वर्ताव पर निर्भर है
Mahender Singh
तुम जा चुकी
तुम जा चुकी
Kunal Kanth
Loading...