Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 May 2023 · 1 min read

सादगी मशहूर है हमारी,

सादगी मशहूर है हमारी,
खुशमिजाजी भी कमाल है,
हम शरारती भी इंतेहा के है,
तनहा भी बेमिसाल है।

विशाल बाबू ✍️✍️

497 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"वो जमाना"
Dr. Kishan tandon kranti
मोहब्बत ना सही तू नफ़रत ही जताया कर
मोहब्बत ना सही तू नफ़रत ही जताया कर
Gouri tiwari
विष्णु प्रभाकर जी रहे,
विष्णु प्रभाकर जी रहे,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
कभी-कभी
कभी-कभी
Ragini Kumari
मुझे फर्क पड़ता है।
मुझे फर्क पड़ता है।
लक्ष्मी वर्मा प्रतीक्षा
आखों में नमी की कमी नहीं
आखों में नमी की कमी नहीं
goutam shaw
रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
रोजी न रोटी, हैं जीने के लाले।
सत्य कुमार प्रेमी
*कहर  है हीरा*
*कहर है हीरा*
Kshma Urmila
गुरुकुल भारत
गुरुकुल भारत
Sanjay ' शून्य'
2857.*पूर्णिका*
2857.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
विश्वकर्मा जयंती उत्सव की सभी को हार्दिक बधाई
विश्वकर्मा जयंती उत्सव की सभी को हार्दिक बधाई
Harminder Kaur
वक्त की नज़ाकत और सामने वाले की शराफ़त,
वक्त की नज़ाकत और सामने वाले की शराफ़त,
ओसमणी साहू 'ओश'
अभिव्यक्ति - मानवीय सम्बन्ध, सांस्कृतिक विविधता, और सामाजिक परिवर्तन का स्रोत
अभिव्यक्ति - मानवीय सम्बन्ध, सांस्कृतिक विविधता, और सामाजिक परिवर्तन का स्रोत" - भाग- 01 Desert Fellow Rakesh Yadav
Desert fellow Rakesh
मोबाइल फोन
मोबाइल फोन
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
मुॅंह अपना इतना खोलिये
मुॅंह अपना इतना खोलिये
Paras Nath Jha
इधर एक बीवी कहने से वोट देने को राज़ी नहीं। उधर दो कौड़ी के लो
इधर एक बीवी कहने से वोट देने को राज़ी नहीं। उधर दो कौड़ी के लो
*प्रणय प्रभात*
माता पिता के श्री चरणों में बारंबार प्रणाम है
माता पिता के श्री चरणों में बारंबार प्रणाम है
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
रूप कुदरत का
रूप कुदरत का
surenderpal vaidya
यदि आप नंगे है ,
यदि आप नंगे है ,
शेखर सिंह
परोपकार
परोपकार
ओंकार मिश्र
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*कौन लड़ पाया समय से, हार सब जाते रहे (वैराग्य गीत)*
*कौन लड़ पाया समय से, हार सब जाते रहे (वैराग्य गीत)*
Ravi Prakash
प्रेम की नाव
प्रेम की नाव
Dr.Priya Soni Khare
परी
परी
Dr. Pradeep Kumar Sharma
जब बातेंं कम हो जाती है अपनों की,
जब बातेंं कम हो जाती है अपनों की,
Dr. Man Mohan Krishna
क्यो नकाब लगाती
क्यो नकाब लगाती
भरत कुमार सोलंकी
Someday you'll look back and realize that you overcame all o
Someday you'll look back and realize that you overcame all o
पूर्वार्थ
मुक्तक
मुक्तक
जगदीश शर्मा सहज
गजल सगीर
गजल सगीर
डॉ सगीर अहमद सिद्दीकी Dr SAGHEER AHMAD
बात बस कोशिशों की है
बात बस कोशिशों की है
Dr fauzia Naseem shad
Loading...