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17 Jun 2023 · 1 min read

सागर-मंथन की तरह, मथो स्वयं को रोज

सागर-मंथन की तरह, मथो स्वयं को रोज।
मन-मानस में पल्लवित, हो तब ज्ञान-सरोज।।

© सीमा अग्रवाल

Language: Hindi
1 Like · 176 Views
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