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24 Apr 2017 · 1 min read

🚩सहज बने गह ज्ञान,वही तो सच्चा हीरा है ।

जो विष को पीना जाने, वह ही तो मीरा है।
मूरख के आगे, अक्ली की बोली तीरा है।
कड़क वाक् से सीख ग्रहण कर लेता जो तज-ताप।
सहज बने गह ज्ञान, वही तो सच्चा हीरा है।
……………………………………………..

💙2013 में प्रकाशित मेरी कृति “जागा हिंदुस्तान चाहिए” का मुक्तक।

💙उक्त मुक्तक को “जागा हिंदुस्तान चाहिए” काव्य संग्रह के द्वितीय संस्करण के अनुसार परिष्कृत किया गया है।

💙”जागा हिंदुस्तान चाहिए” काव्य संग्रह का द्वितीय संस्करण अमेजोन और फ्लिपकार्ट पर उपलब्ध है।

पं बृजेश कुमार नायक

Language: Hindi
Tag: मुक्तक
1 Like · 1 Comment · 647 Views

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