Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
24 Feb 2024 · 1 min read

समझा दिया

समझा दिया
मतलब मोहब्बत का
एक आँसू ने
गिर कर
हथेली पर
अचानक

सुशील सरना

44 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
*तुम राजा हम प्रजा तुम्हारी, अग्रसेन भगवान (गीत)*
*तुम राजा हम प्रजा तुम्हारी, अग्रसेन भगवान (गीत)*
Ravi Prakash
यादों के झरने
यादों के झरने
Sidhartha Mishra
#मुक्तक
#मुक्तक
*Author प्रणय प्रभात*
सत्य शुरू से अंत तक
सत्य शुरू से अंत तक
विजय कुमार अग्रवाल
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
🥀 *अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
इश्क
इश्क
Suman (Aditi Angel 🧚🏻)
5 हाइकु
5 हाइकु
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
श्री कृष्ण भजन 【आने से उसके आए बहार】
Khaimsingh Saini
Kagaj ki nav ban gyi mai
Kagaj ki nav ban gyi mai
Sakshi Tripathi
चुगलखोरों और जासूसो की सभा में गूंगे बना रहना ही बुद्धिमत्ता
चुगलखोरों और जासूसो की सभा में गूंगे बना रहना ही बुद्धिमत्ता
Rj Anand Prajapati
दोहा
दोहा
sushil sarna
चिल्हर
चिल्हर
Dr. Pradeep Kumar Sharma
गांधी जी के आत्मीय (व्यंग्य लघुकथा)
गांधी जी के आत्मीय (व्यंग्य लघुकथा)
दुष्यन्त 'बाबा'
कहानियां ख़त्म नहीं होंगी
कहानियां ख़त्म नहीं होंगी
Shekhar Chandra Mitra
होली गीत
होली गीत
Kanchan Khanna
भगवान सर्वव्यापी हैं ।
भगवान सर्वव्यापी हैं ।
ओनिका सेतिया 'अनु '
आश पराई छोड़ दो,
आश पराई छोड़ दो,
Satish Srijan
3289.*पूर्णिका*
3289.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
भरोसा खुद पर
भरोसा खुद पर
Mukesh Kumar Sonkar
आकर्षण मृत्यु का
आकर्षण मृत्यु का
Shaily
*रिश्ते*
*रिश्ते*
Dushyant Kumar
होली की हार्दिक शुभकामनाएं🎊
होली की हार्दिक शुभकामनाएं🎊
Aruna Dogra Sharma
मुझमें मुझसा
मुझमें मुझसा
Dr fauzia Naseem shad
माँ-बाप
माँ-बाप
डॉ०छोटेलाल सिंह 'मनमीत'
विरोध-रस की काव्य-कृति ‘वक्त के तेवर’ +रमेशराज
विरोध-रस की काव्य-कृति ‘वक्त के तेवर’ +रमेशराज
कवि रमेशराज
अश'आर हैं तेरे।
अश'आर हैं तेरे।
Neelam Sharma
शिक्षक
शिक्षक
ओमप्रकाश भारती *ओम्*
रक्षाबंधन का त्यौहार
रक्षाबंधन का त्यौहार
Ram Krishan Rastogi
ہر طرف رنج ہے، آلام ہے، تنہائی ہے
ہر طرف رنج ہے، آلام ہے، تنہائی ہے
अरशद रसूल बदायूंनी
आपका स्नेह पाया, शब्द ही कम पड़ गये।।
आपका स्नेह पाया, शब्द ही कम पड़ गये।।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
Loading...