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7 Aug 2023 · 1 min read

सब कुछ खत्म नहीं होता

सब कुछ खत्म नहीं होता

चंद ख्वाब छिटक जाने से
कुछ खिलौने छर जाने से
रूठ किसी के घर जाने से

सब कुछ खत्म नहीं होता

पुष्प किसी मुरझाने से
माली के तोड़े जाने से
भंवरों के उड़ जाने से

उपवन निशक्त नहीं होता

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