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15 Feb 2024 · 1 min read

सब्र की मत छोड़ना पतवार।

सब्र की मत छोड़ना पतवार।

जीत हो फिर भी न रुकना
हार में थककर न झुकना,
बढ़ सदा चाहे गिरो सौ- बार
सब्र की मत छोड़ना पतवार ।

राह बिखरे शूल तो क्या
स्वप्न सारे धूल तो क्या
हौसले से अग्निपथ कर पार
सब्र की मत छोड़ना पतवार ।

वक्त कितना भी कठिन हो
भाग्य की रेखा मलिन हो,
कर रगों में शौर्य-बल संचार
सब्र की मत छोड़ना पतवार ।

लक्ष्य कोसों दूर लगता
विघ्न मद में चूर लगता,
साँस का जो टूटता हो तार
सब्र की मत छोड़ना पतवार ।

अनिल मिश्र प्रहरी ।

Language: Hindi
69 Views
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