Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Jul 2023 · 1 min read

सद्विचार

किसी का अपनापन जिन्दगी में
खुशियों के रंग भर देता है
फूलों सी महक उठती है जिन्दगी
ग़मों से कोसों दूर कर देता है |

क्यूं कर किसी के गम में
शरीक न हों हम
गम किसी एक का नहीं
ग़मों से नाता , सभी का होता है ||

1 Like · 134 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
View all
You may also like:
ब्रह्मांड के विभिन्न आयामों की खोज
ब्रह्मांड के विभिन्न आयामों की खोज
Shyam Sundar Subramanian
जन्नतों में सैर करने के आदी हैं हम,
जन्नतों में सैर करने के आदी हैं हम,
लवकुश यादव "अज़ल"
कठपुतली ( #नेपाली_कविता)
कठपुतली ( #नेपाली_कविता)
Dinesh Yadav (दिनेश यादव)
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
सबने पूछा, खुश रहने के लिए क्या है आपकी राय?
Kanchan Alok Malu
পৃথিবীর সবচেয়ে সুন্দর মেয়েদের
পৃথিবীর সবচেয়ে সুন্দর মেয়েদের
Sakhawat Jisan
स्वयं अपने चित्रकार बनो
स्वयं अपने चित्रकार बनो
Ritu Asooja
Tum meri kalam ka lekh nahi ,
Tum meri kalam ka lekh nahi ,
Sakshi Tripathi
मुझको अपनी शरण में ले लो हे मनमोहन हे गिरधारी
मुझको अपनी शरण में ले लो हे मनमोहन हे गिरधारी
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
मैं उसी पल मर जाऊंगा ,
मैं उसी पल मर जाऊंगा ,
श्याम सिंह बिष्ट
मुस्कानों पर दिल भला,
मुस्कानों पर दिल भला,
sushil sarna
Canine Friends
Canine Friends
Dhriti Mishra
*खर्चा करके खुद किया ,अपना ही सम्मान (हास्य कुंडलिया )*
*खर्चा करके खुद किया ,अपना ही सम्मान (हास्य कुंडलिया )*
Ravi Prakash
रक्षाबंधन का त्योहार
रक्षाबंधन का त्योहार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
हम हो जायेंगें दूर तूझसे,
$úDhÁ MãÚ₹Yá
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
🥀*अज्ञानी की कलम*🥀
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी झाँसी
हिंदी दिवस
हिंदी दिवस
Shashi Dhar Kumar
■ सड़ा हुआ फल ताज़ा नहीं हो सकता। बिगड़ैल सुधर नहीं सकते। जब तक
■ सड़ा हुआ फल ताज़ा नहीं हो सकता। बिगड़ैल सुधर नहीं सकते। जब तक
*Author प्रणय प्रभात*
* विजयदशमी मनाएं हम *
* विजयदशमी मनाएं हम *
surenderpal vaidya
तनहाई की शाम
तनहाई की शाम
Shekhar Chandra Mitra
पंक्षी पिंजरों में पहुँच, दिखते अधिक प्रसन्न ।
पंक्षी पिंजरों में पहुँच, दिखते अधिक प्रसन्न ।
Arvind trivedi
जिंदगी हमने जी कब,
जिंदगी हमने जी कब,
Umender kumar
जन-जन के आदर्श तुम, दशरथ नंदन ज्येष्ठ।
जन-जन के आदर्श तुम, दशरथ नंदन ज्येष्ठ।
डॉ.सीमा अग्रवाल
कोहरे के दिन
कोहरे के दिन
Ghanshyam Poddar
"उम्मीद का दीया"
Dr. Kishan tandon kranti
मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों - डी के निवातिया
मिला जो इक दफा वो हर दफा मिलता नहीं यारों - डी के निवातिया
डी. के. निवातिया
जय श्रीराम हो-जय श्रीराम हो।
जय श्रीराम हो-जय श्रीराम हो।
manjula chauhan
"प्रेमको साथी" (Premko Sathi) "Companion of Love"
Sidhartha Mishra
Meditation
Meditation
Ravikesh Jha
गज़ल
गज़ल
Mahendra Narayan
मुसलसल ठोकरो से मेरा रास्ता नहीं बदला
मुसलसल ठोकरो से मेरा रास्ता नहीं बदला
कवि दीपक बवेजा
Loading...