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3 May 2024 · 1 min read

सदपुरुष अपना कर्तव्य समझकर कर्म करता है और मूर्ख उसे अपना अध

सदपुरुष अपना कर्तव्य समझकर कर्म करता है और मूर्ख उसे अपना अधिकार और साधन समझ लेते हैं। उदार और स्वार्थी मनुष्य का यही भेद है।
जय सियाराम

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