Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
26 Mar 2024 · 1 min read

सत्य पर चलना बड़ा कठिन है

संबंधों के मकड़जाल में,
सत्य पर चलना बड़ा कठिन है।
तीन गुणों को घट में रखकर,
रहना गुणातीत बड़ा कठिन है।

मन डूबा हो अहंकार में,
तो सम्यक ज्ञान बड़ा कठिन है।
स्वार्थ भरा हो जीवन में तो,
परमार्थ निभाना बड़ा कठिन है।

भरा हो अंतस में अंधकार ,
तो स्व की खोज बड़ा कठिन है।
जबतक स्व निर्मूल न होगा,
चरित्र का उठना बड़ा कठिन है।

भरा हो मन कटुता, इर्ष्या से,
तो संबंध निभाना बड़ा कठिन है।
जबतक मन में द्वैत रहेगा,
अद्वैत समझान बड़ा कठिन है।

हरपल,हरक्षण प्रपंच में रहकर,
जीवन जीना बड़ा कठिन है ।
जबतक मन एकाग्र न होगा,
सत्य की खोज बड़ा कठिन है।

उदय नारायण सिंह
मुजफ्फरपुर, बिहार
6200155322

3 Likes · 64 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
"गरीबों की दिवाली"
Yogendra Chaturwedi
ग़ज़ल
ग़ज़ल
Shweta Soni
ज़िन्दगी थोड़ी भी है और ज्यादा भी ,,
ज़िन्दगी थोड़ी भी है और ज्यादा भी ,,
Neelofar Khan
नयी भोर का स्वप्न
नयी भोर का स्वप्न
Arti Bhadauria
*साबुन से धोकर यद्यपि तुम, मुखड़े को चमकाओगे (हिंदी गजल)*
*साबुन से धोकर यद्यपि तुम, मुखड़े को चमकाओगे (हिंदी गजल)*
Ravi Prakash
दिल पर दस्तक
दिल पर दस्तक
Surinder blackpen
45...Ramal musaddas maKHbuun
45...Ramal musaddas maKHbuun
sushil yadav
राह पर चलते चलते घटित हो गई एक अनहोनी, थम गए कदम,
राह पर चलते चलते घटित हो गई एक अनहोनी, थम गए कदम,
Sukoon
जीवन सुंदर खेल है, प्रेम लिए तू खेल।
जीवन सुंदर खेल है, प्रेम लिए तू खेल।
आर.एस. 'प्रीतम'
मुस्कुराहट
मुस्कुराहट
Santosh Shrivastava
कब तक बरसेंगी लाठियां
कब तक बरसेंगी लाठियां
Shekhar Chandra Mitra
हकीकत
हकीकत
Dr. Seema Varma
दोहे-
दोहे-
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
बिना कोई परिश्रम के, न किस्मत रंग लाती है।
सत्य कुमार प्रेमी
3157.*पूर्णिका*
3157.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
#व्यंग्य_कविता :-
#व्यंग्य_कविता :-
*प्रणय प्रभात*
बेजुबान और कसाई
बेजुबान और कसाई
मनोज कर्ण
और भी शौक है लेकिन, इश्क तुम नहीं करो
और भी शौक है लेकिन, इश्क तुम नहीं करो
gurudeenverma198
गजल ए महक
गजल ए महक
Dr Mukesh 'Aseemit'
समय आयेगा
समय आयेगा
नूरफातिमा खातून नूरी
🌸अनसुनी 🌸
🌸अनसुनी 🌸
Mahima shukla
आइन-ए-अल्फाज
आइन-ए-अल्फाज
AJAY AMITABH SUMAN
......,,,,
......,,,,
शेखर सिंह
सुविचार
सुविचार
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
"सावधान"
Dr. Kishan tandon kranti
प्रश्न - दीपक नीलपदम्
प्रश्न - दीपक नीलपदम्
नील पदम् Deepak Kumar Srivastava (दीपक )(Neel Padam)
"सूनी मांग" पार्ट-2
Radhakishan R. Mundhra
नारी : एक अतुल्य रचना....!
नारी : एक अतुल्य रचना....!
VEDANTA PATEL
इस दिल में .....
इस दिल में .....
sushil sarna
बस तुम हो और परछाई तुम्हारी, फिर भी जीना पड़ता है
बस तुम हो और परछाई तुम्हारी, फिर भी जीना पड़ता है
पूर्वार्थ
Loading...