Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
7 Aug 2023 · 1 min read

सजे थाल में सौ-सौ दीपक, जगमग-जगमग करते (मुक्तक)

सजे थाल में सौ-सौ दीपक, जगमग-जगमग करते (मुक्तक)
———————————————————–
सजे थाल में सौ-सौ दीपक, जगमग-जगमग करते
उजियारा कर रहे हृदय में, हर्ष अपरिमित भरते
इन दीपों का प्रखर उजाला, फैले सारे जग में
हर ऑंगन हर घर हो जाए, रोशन बढ़ते-बढ़ते
**********************************
रचयिता : रवि प्रकाश बाजार सर्राफा, रामपुर

149 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Ravi Prakash
View all
You may also like:
आइना देखा तो खुद चकरा गए।
आइना देखा तो खुद चकरा गए।
सत्य कुमार प्रेमी
#आज_का_संदेश
#आज_का_संदेश
*Author प्रणय प्रभात*
*हुई हम से खता,फ़ांसी नहीं*
*हुई हम से खता,फ़ांसी नहीं*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
3119.*पूर्णिका*
3119.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
जरूरत से ज्यादा
जरूरत से ज्यादा
Ragini Kumari
*गीता सुनाई कृष्ण ने, मधु बॉंसुरी गाते रहे(मुक्तक)*
*गीता सुनाई कृष्ण ने, मधु बॉंसुरी गाते रहे(मुक्तक)*
Ravi Prakash
हिंदी सबसे प्यारा है
हिंदी सबसे प्यारा है
शेख रहमत अली "बस्तवी"
तेरी हर ख़ुशी पहले, मेरे गम उसके बाद रहे,
तेरी हर ख़ुशी पहले, मेरे गम उसके बाद रहे,
डी. के. निवातिया
यदि हर कोई आपसे खुश है,
यदि हर कोई आपसे खुश है,
नेताम आर सी
Ghazal
Ghazal
shahab uddin shah kannauji
पापा आपकी बहुत याद आती है
पापा आपकी बहुत याद आती है
Kuldeep mishra (KD)
इंद्रधनुष
इंद्रधनुष
Santosh kumar Miri
यह जीवन अनमोल रे
यह जीवन अनमोल रे
विजय कुमार अग्रवाल
जुबां
जुबां
Sanjay ' शून्य'
ज़रूरतमंद की मदद
ज़रूरतमंद की मदद
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
रंग उकेरे तूलिका,
रंग उकेरे तूलिका,
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
Life is like party. You invite a lot of people. Some leave e
पूर्वार्थ
Indulge, Live and Love
Indulge, Live and Love
Dhriti Mishra
चल अंदर
चल अंदर
Satish Srijan
हॉस्पिटल मैनेजमेंट
हॉस्पिटल मैनेजमेंट
Dr. Pradeep Kumar Sharma
आइये झांकते हैं कुछ अतीत में
आइये झांकते हैं कुछ अतीत में
Atul "Krishn"
Thought
Thought
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
*विभाजित जगत-जन! यह सत्य है।*
*विभाजित जगत-जन! यह सत्य है।*
संजय कुमार संजू
International Day Against Drug Abuse
International Day Against Drug Abuse
Tushar Jagawat
हर रात मेरे साथ ये सिलसिला हो जाता है
हर रात मेरे साथ ये सिलसिला हो जाता है
Madhuyanka Raj
माँ की चाह
माँ की चाह
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
सुस्त हवाओं की उदासी, दिल को भारी कर जाती है।
सुस्त हवाओं की उदासी, दिल को भारी कर जाती है।
Manisha Manjari
सिलवटें आखों की कहती सो नहीं पाए हैं आप ।
सिलवटें आखों की कहती सो नहीं पाए हैं आप ।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
इश्क का इंसाफ़।
इश्क का इंसाफ़।
Taj Mohammad
* रंग गुलाल अबीर *
* रंग गुलाल अबीर *
surenderpal vaidya
Loading...