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19 Apr 2023 · 1 min read

संविधान की मौलिकता

अगर अम्बेडकर के नेतृत्व में लिखा हुआ भारतीय संविधान कापी-पेस्ट है तो भी वह देश और समाज के लिए मनु या चाणक्य के लिखे हुए ओरिजनल संविधानों से हर मायने में बेहतर है ! राजनीति, धर्म और समाज से जुड़े नियमों में मौलिकता की ख़ोज करना सरासर बेवकूफी है। दुनिया के सारे संविधानों का गंभीर अध्ययन करने के बाद अपने देश और समाज के लिए संविधान तैयार करना हमारे नेताओं की दूरदर्शिता का प्रमाण है।
Shekhar Chandra Mitra

Language: Hindi
Tag: लेख
375 Views
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