Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 May 2023 · 1 min read

संध्या वंदन कीजिए,

संध्या वंदन कीजिए,
फिर होय न गृह क्लेश
गृहस्थ जीवन में सदा,
उपजे स्नेह विशेष
महावीर उत्तरांचली

1 Like · 346 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
View all
You may also like:
अगर गौर से विचार किया जाएगा तो यही पाया जाएगा कि इंसान से ज्
अगर गौर से विचार किया जाएगा तो यही पाया जाएगा कि इंसान से ज्
Seema Verma
है जिसका रहमो करम और प्यार है मुझ पर।
है जिसका रहमो करम और प्यार है मुझ पर।
सत्य कुमार प्रेमी
प्रायश्चित
प्रायश्चित
Shyam Sundar Subramanian
तेरा ही नाम ले लेकर रोज़ इबादत करती हूँ,
तेरा ही नाम ले लेकर रोज़ इबादत करती हूँ,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
काश.! मैं वृक्ष होता
काश.! मैं वृक्ष होता
Dr. Mulla Adam Ali
हृदय में धड़कन सा बस जाये मित्र वही है
हृदय में धड़कन सा बस जाये मित्र वही है
Er. Sanjay Shrivastava
वाह वाही कभी पाता नहीं हूँ,
वाह वाही कभी पाता नहीं हूँ,
Satish Srijan
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
चोर उचक्के बेईमान सब, सेवा करने आए
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
पुस्तक समीक्षा-सपनों का शहर
पुस्तक समीक्षा-सपनों का शहर
दुष्यन्त 'बाबा'
*माॅं की चाहत*
*माॅं की चाहत*
Harminder Kaur
फूल कुदरत का उपहार
फूल कुदरत का उपहार
Harish Chandra Pande
मेरा फलसफा
मेरा फलसफा
umesh mehra
मैं नारी हूं
मैं नारी हूं
Mukesh Kumar Sonkar
आदि शक्ति माँ
आदि शक्ति माँ
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
मान देने से मान मिले, अपमान से मिले अपमान।
मान देने से मान मिले, अपमान से मिले अपमान।
पूर्वार्थ
गलतियों को स्वीकार कर सुधार कर लेना ही सर्वोत्तम विकल्प है।
गलतियों को स्वीकार कर सुधार कर लेना ही सर्वोत्तम विकल्प है।
Paras Nath Jha
गलतियां
गलतियां
Dr Parveen Thakur
अजीब हालत है मेरे दिल की
अजीब हालत है मेरे दिल की
Phool gufran
ये जो तेरे बिना भी, तुझसे इश्क़ करने की आदत है।
ये जो तेरे बिना भी, तुझसे इश्क़ करने की आदत है।
Manisha Manjari
भैया दूज (हिंदी गजल/गीतिका)
भैया दूज (हिंदी गजल/गीतिका)
Ravi Prakash
ढूंढें .....!
ढूंढें .....!
Sangeeta Beniwal
मौन देह से सूक्ष्म का, जब होता निर्वाण ।
मौन देह से सूक्ष्म का, जब होता निर्वाण ।
sushil sarna
ज़िंदगी हम भी
ज़िंदगी हम भी
Dr fauzia Naseem shad
बहुत आसान है भीड़ देख कर कौरवों के तरफ खड़े हो जाना,
बहुत आसान है भीड़ देख कर कौरवों के तरफ खड़े हो जाना,
Sandeep Kumar
तलाक़ का जश्न…
तलाक़ का जश्न…
Anand Kumar
“दुमका संस्मरण 3” ट्रांसपोर्ट सेवा (1965)
“दुमका संस्मरण 3” ट्रांसपोर्ट सेवा (1965)
DrLakshman Jha Parimal
!! कोई आप सा !!
!! कोई आप सा !!
Chunnu Lal Gupta
रिश्ते
रिश्ते
Ashwani Kumar Jaiswal
हर वक़्त तुम्हारी कमी सताती है
हर वक़्त तुम्हारी कमी सताती है
shabina. Naaz
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
कामुकता एक ऐसा आभास है जो सब प्रकार की शारीरिक वीभत्सना को ख
Rj Anand Prajapati
Loading...