Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
21 May 2023 · 1 min read

“शेष पृष्ठा

“शेष पृष्ठा”
पारमिता षड़गीं
उस दिन घडी थी पापा के हाथ में
और वक्त था मेरे साथ
पता नहीं कहाँ…. कैसे गुम गए
वो घड़ी… और…वो वक्त
कहीं में ठग तो नहीं गई ?
किचड से भरा मुहूर्त
थोप गया है
पलकों के पीछे
देखो तो !
हरप्पा की उस नर्तकी को
आज़ भी खडी है वो
वैसे ही……

आरंभ और अंतिम पृष्ठा
भरकर भेजा है उसने
बाकि पृष्ठा…….
उस पतली डोर को लांघकर
सचमुच कोई भर सकता है करता
उस बाकि पृष्ठा को ?
पूजाघर में जलता हुआ दिया भी
देखने लगा है पूरब की ओर
अब ना दिन ..ना रात…
मेरी आत्मा को खींच रहा है कोई
मेरी साँस को मेरे देह से
धूप जैसा कुछ आ रहा है
बंद झरोखे की ओट से
उस थोड़े से उजाले में
ले जा रही हूं मैं
कुछ न कर पाने की
मेरी अयोग्यता को
कितने शब्दों के साथ

मुझे जाना है
जाना तो पडेगा
‘हाँ’ या ‘ना’
कौन पूछ रहा है ?
खत्म हो रही है अवधि
धीरे-धीरे ,ये देखो,
अलार्म भी बजने लगा है।

Language: Hindi
221 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
बोलो बोलो,हर हर महादेव बोलो
बोलो बोलो,हर हर महादेव बोलो
gurudeenverma198
अभी जाम छल्का रहे आज बच्चे, इन्हें देख आँखें फटी जा रही हैं।
अभी जाम छल्का रहे आज बच्चे, इन्हें देख आँखें फटी जा रही हैं।
संजीव शुक्ल 'सचिन'
*
*"वो भी क्या दिवाली थी"*
Shashi kala vyas
सबसे बढ़कर जगत में मानवता है धर्म।
सबसे बढ़कर जगत में मानवता है धर्म।
महेश चन्द्र त्रिपाठी
काल  अटल संसार में,
काल अटल संसार में,
sushil sarna
*सूनी माँग* पार्ट-1
*सूनी माँग* पार्ट-1
Radhakishan R. Mundhra
चंद मुक्तक- छंद ताटंक...
चंद मुक्तक- छंद ताटंक...
डॉ.सीमा अग्रवाल
तब जानोगे
तब जानोगे
विजय कुमार नामदेव
हिंदी दोहा- महावीर
हिंदी दोहा- महावीर
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
नकाबपोश रिश्ता
नकाबपोश रिश्ता
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
ख्वाब देखा है हसीन__ मरने न देंगे।
ख्वाब देखा है हसीन__ मरने न देंगे।
Rajesh vyas
2337.पूर्णिका
2337.पूर्णिका
Dr.Khedu Bharti
कोशिश है खुद से बेहतर बनने की
कोशिश है खुद से बेहतर बनने की
Ansh Srivastava
"विजेता"
Dr. Kishan tandon kranti
आओ तो सही,भले ही दिल तोड कर चले जाना
आओ तो सही,भले ही दिल तोड कर चले जाना
Ram Krishan Rastogi
कोई उपहास उड़ाए ...उड़ाने दो
कोई उपहास उड़ाए ...उड़ाने दो
ruby kumari
कुछ इस तरह टुटे है लोगो के नजरअंदाजगी से
कुछ इस तरह टुटे है लोगो के नजरअंदाजगी से
पूर्वार्थ
■ यादों की खिड़की-
■ यादों की खिड़की-
*Author प्रणय प्रभात*
हमनवा
हमनवा
Bodhisatva kastooriya
मुक्तक
मुक्तक
प्रीतम श्रावस्तवी
dr arun kumar shastri
dr arun kumar shastri
DR ARUN KUMAR SHASTRI
💐प्रेम कौतुक-478💐
💐प्रेम कौतुक-478💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
वक्रतुंडा शुचि शुंदा सुहावना,
वक्रतुंडा शुचि शुंदा सुहावना,
Neelam Sharma
*आजादी का अर्थ है, हिंदी-हिंदुस्तान (कुंडलिया)*
*आजादी का अर्थ है, हिंदी-हिंदुस्तान (कुंडलिया)*
Ravi Prakash
ख़्वाब ख़्वाब ही रह गया,
ख़्वाब ख़्वाब ही रह गया,
अजहर अली (An Explorer of Life)
सर्वे भवन्तु सुखिन:
सर्वे भवन्तु सुखिन:
Shekhar Chandra Mitra
युवा है हम
युवा है हम
Pratibha Pandey
प्रेम पर्याप्त है प्यार अधूरा
प्रेम पर्याप्त है प्यार अधूरा
Amit Pandey
प्रभु जी हम पर कृपा करो
प्रभु जी हम पर कृपा करो
Vishnu Prasad 'panchotiya'
मैंने कहा मुझे कयामत देखनी है ,
मैंने कहा मुझे कयामत देखनी है ,
Vishal babu (vishu)
Loading...