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20 Jun 2023 · 1 min read

’शे’र’ : ब्रह्मणवाद पर / मुसाफ़िर बैठा

कुछ चिंता की बात है यह कि हस्ती मिट नहीं पा रही तिहारी।
सदियों से दख़ल और दौर-ए-द्विज का रहा है जालिम पसारा।।

~ डिस्क्लेमर : नॉट ऑन एन ओरिजनल थॉट बेस, रैदर, इनफैक्ट, इट्स ऐन इसेंशियल पैरोडिक इंप्रोवाइजेशन एड्रेसिंग आवर टाइम!

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