Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
25 Jun 2016 · 1 min read

शारदा वंदन

*गीतिका*
हे शारदे कपाल झुकाते सदैव हैं।
हम आपको भवानि रिझाते सदैव हैं।
हो बाँटती प्रसाद विमल प्रेम तत्व का।
हम भाव के प्रसून चढाते सदैव हैं।
सद्ज्ञान के कपाट खुले द्वार आपके।
अज्ञान वश सजीव भुलाते सदैव हैं।
दो चित्त से विकार हटा सौम्यता बढा।
छल दंभ द्वेष आदि सताते सदैव हैं।
हो अर्च्य आप अंब चरण पूजते सदा।
माँ पुत्र धर्म मान निभाते सदैव हैं।
अंकित शर्मा’ इषुप्रिय’
रामपुर कलाँ,सबलगढ(म.प्र.)

227 Views
You may also like:
ठीक है अब मैं भी
gurudeenverma198
दिल के रिश्ते
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
ज़िंदगी देख मेरे हाथों में
Dr fauzia Naseem shad
ईद हो जायेगी।
Taj Mohammad
■ गीत / सामयिक परिप्रेक्ष्य में
*Author प्रणय प्रभात*
तुमसे कहते रहे,भुला दो मुझको
Kaur Surinder
मुक्तक
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
खुशियाँ ही अपनी हैं
विजय कुमार अग्रवाल
क़लम से तलवार का काम
Shekhar Chandra Mitra
पुराने गली-मुहल्ले (कुंडलिया)
Ravi Prakash
तुम बिन आवे ना मोय निंदिया
Ram Krishan Rastogi
भक्ति रस
लक्ष्मी सिंह
Rain (wo baarish ki yaadein)
Nupur Pathak
संत एकनाथ महाराज
Pravesh Shinde
✍️अंजाना फ़ासला✍️
'अशांत' शेखर
कभी वक़्त ने गुमराह किया,
Vaishnavi Gupta (Vaishu)
दीप जले है दीप जले
Buddha Prakash
बिहार का जालियांवाला बाग - तारापुर
विक्रम कुमार
सपनों में खोए अपने
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
“ स्वप्न मे भेंट भेलीह “ मिथिला माय “
DrLakshman Jha Parimal
द्विराष्ट्र सिद्धान्त के मुख्य खलनायक
महावीर उत्तरांचली • Mahavir Uttranchali
जहरीला साप
rahul ganvir
एक - एक दिन करके यूं ही
अनिल कुमार गुप्ता 'अंजुम'
THE GREAT BUTTER THIEF
Satish Srijan
अशिक्षा
AMRESH KUMAR VERMA
दिन बड़ा बनाने में
डी. के. निवातिया
तुलसी गीत
Shiva Awasthi
विषपान
Vikas Sharma'Shivaaya'
चल कहीं
Harshvardhan "आवारा"
मेरे भी अध्याय होंगे
सूर्यकांत द्विवेदी
Loading...