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26 Sep 2021 · 1 min read

शायरी संग्रह

1
जिंदा है धर्म स्त्री से ही
आदमी ने तो
मंदिर जाना ही छोड़ दिया !

2
तुम चलते हो मस्कत अपनी जिंदगी का

चांद तो चंद दिनों में ही निकलता है !

3
मेरी रगो में लहू बनकर उतर चुकी हो तुम ,

अब देखना है रंग कितना निखर कर आता है

4
मेरी बर्बादी का यह आलम है बिष्ट
जो घर ढह गया
उसके पत्थर भी ना उठा पाया !!

Language: Hindi
Tag: शेर
1 Like · 325 Views
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