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13 Mar 2024 · 1 min read

शायद मेरी क़िस्मत में ही लिक्खा था ठोकर खाना

शायद मेरी क़िस्मत में ही लिक्खा था ठोकर खाना
ख्वाहिश, शौक़,उम्मीदों का तो बेहतर हीं था मर जाना

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