Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
9 Jul 2016 · 1 min read

वादे बहुत बड़े बड़े हमसे वो कर गये

वादे बहुत बड़े बड़े हमसे वो कर गये
लेकिन निभा नहीं सके दुनिया से डर गये

आसान राह प्यार की होती नहीं कभी
चलते दिवाने पर रहे चाहें वो मर गए

दिल था हमारा काँच सा नाज़ुक यूँ कम नहीं
टूटे से फिर जुड़ा नहीं कण कण बिखर गये

हम थे बुझे बुझे से न भाती थी ज़िन्दगी
उनसे नज़र मिली जरा हम तो निखर गये

दिल तो उड़ान भरने लगा आसमान में
लेकिन कदम तो प्यार में जैसे ठहर गये

घायल हमारा दिल यहाँ होना जरूर था
उनकी नज़र के तीर जो गहरे उतर गये

हर साँस में बसे वो हमारी यूँ ‘अर्चना’
पाया उन्हें ही साथ में हम तो जिधर गये

डॉ अर्चना गुप्ता

3 Likes · 10 Comments · 597 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr Archana Gupta
View all
You may also like:
मिल लेते हैं तुम्हें आंखे बंद करके..
मिल लेते हैं तुम्हें आंखे बंद करके..
शेखर सिंह
रंजीत कुमार शुक्ल
रंजीत कुमार शुक्ल
Ranjeet kumar Shukla
विलीन
विलीन
sushil sarna
जलन इंसान को ऐसे खा जाती है
जलन इंसान को ऐसे खा जाती है
shabina. Naaz
😟 काश ! इन पंक्तियों में आवाज़ होती 😟
😟 काश ! इन पंक्तियों में आवाज़ होती 😟
Shivkumar barman
मन
मन
Neelam Sharma
इंसानों के अंदर हर पल प्रतिस्पर्धा,स्वार्थ,लालच,वासना,धन,लोभ
इंसानों के अंदर हर पल प्रतिस्पर्धा,स्वार्थ,लालच,वासना,धन,लोभ
Rj Anand Prajapati
जागे हैं देर तक
जागे हैं देर तक
Sampada
खिलौनो से दूर तक
खिलौनो से दूर तक
Dr fauzia Naseem shad
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
राष्ट्रीय किसान दिवस : भारतीय किसान
Satish Srijan
*दल के भीतर दलबदलू-मोर्चा (हास्य व्यंग्य)*
*दल के भीतर दलबदलू-मोर्चा (हास्य व्यंग्य)*
Ravi Prakash
♥️पिता♥️
♥️पिता♥️
Vandna thakur
* मिट जाएंगे फासले *
* मिट जाएंगे फासले *
surenderpal vaidya
💤 ये दोहरा सा किरदार 💤
💤 ये दोहरा सा किरदार 💤
Dr Manju Saini
"सुप्रभात"
Yogendra Chaturwedi
केवल
केवल
Shweta Soni
पास आना तो बहाना था
पास आना तो बहाना था
भरत कुमार सोलंकी
*हैं जिनके पास अपने*,
*हैं जिनके पास अपने*,
Rituraj shivem verma
सूरज सा उगता भविष्य
सूरज सा उगता भविष्य
Harminder Kaur
डिप्रेशन कोई मज़ाक नहीं है मेरे दोस्तों,
डिप्रेशन कोई मज़ाक नहीं है मेरे दोस्तों,
डॉ. शशांक शर्मा "रईस"
अपना मन
अपना मन
Harish Chandra Pande
स्वाल तुम्हारे-जवाब हमारे
स्वाल तुम्हारे-जवाब हमारे
Ravi Ghayal
हर पाँच बरस के बाद
हर पाँच बरस के बाद
Johnny Ahmed 'क़ैस'
ये दुनिया बाजार है
ये दुनिया बाजार है
नेताम आर सी
- अपनो का दर्द सहते सहनशील हो गए हम -
- अपनो का दर्द सहते सहनशील हो गए हम -
bharat gehlot
तुम्हारा प्यार मिले तो मैं यार जी लूंगा।
तुम्हारा प्यार मिले तो मैं यार जी लूंगा।
सत्य कुमार प्रेमी
"रस्सी"
Dr. Kishan tandon kranti
कत्ल खुलेआम
कत्ल खुलेआम
Diwakar Mahto
■ आज का विचार...
■ आज का विचार...
*Author प्रणय प्रभात*
2898.*पूर्णिका*
2898.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
Loading...