Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
22 Feb 2024 · 1 min read

वनमाली

वनमाली —-

चलो आज फिर वक्त बुलाता
अरमानों के अंजुम में खुद को
खोज रहा वनमाली सावन के
मैखाने में।।

दोस्त मोहब्बत रिश्ते नाते
यादों के आईने में
लम्हे गुजरे सदियां गुजरी
चाहत के पैमाने में ।।

चलो आज फिर वक्त बुलाता
अरमानों के अंजुम में खुद को
खोज रहा वनमाली सावन के
मैखाने में।।

कभी कारवाँ का माँझी दुनियां कि
उम्मीदों का आज अकेला खोया खोया
अनजानी राहों में
ना कोई हलचल ना कोलाहल
उड़ते रंग गुलालों में।।

चलो आज फिर वक्त बुलाता
अरमानों के अंजुम में खुद को
खोज रहा वनमाली सावन के
मैखाने में।।

चला जा रहा अपनी धुन में
गिरता उठता राहों में
सड़के सुनी गालियां सुनी
खिलते चमन बहारों में ।।

चलो आज फिर वक्त बुलाता
अरमानों के अंजुम में खुद को
खोज रहा वनमाली सावन के
मैखाने में।।

दोस्त मोहब्बत रिश्ते नाते
अपने अपने मकशद के
हुस्न हकीकत और मोहब्बत
बिकते अब बाजारों में।।

चलो आज फिर वक्त बुलाता
अरमानों के अंजुम में खुद को
खोज रहा वनमाली सावन के
मैखाने में।।

Language: Hindi
Tag: गीत
40 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
View all
You may also like:
ये साल बीत गया पर वो मंज़र याद रहेगा
ये साल बीत गया पर वो मंज़र याद रहेगा
Keshav kishor Kumar
स्पर्श
स्पर्श
Ajay Mishra
💐प्रेम कौतुक-516💐
💐प्रेम कौतुक-516💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
सफलता
सफलता
Dr. Pradeep Kumar Sharma
अपनी नज़र में रक्खा
अपनी नज़र में रक्खा
Dr fauzia Naseem shad
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
यूं ही नहीं कहलाते, चिकित्सक/भगवान!
Manu Vashistha
Living life now feels like an unjust crime, Sentenced to a world without you for all time.
Living life now feels like an unjust crime, Sentenced to a world without you for all time.
Manisha Manjari
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
मुट्ठी में आकाश ले, चल सूरज की ओर।
मुट्ठी में आकाश ले, चल सूरज की ओर।
Suryakant Dwivedi
#लघुकथा
#लघुकथा
*Author प्रणय प्रभात*
आगाह
आगाह
Shyam Sundar Subramanian
आया नववर्ष
आया नववर्ष
विनोद कृष्ण सक्सेना, पटवारी
महबूब से कहीं ज़्यादा शराब ने साथ दिया,
महबूब से कहीं ज़्यादा शराब ने साथ दिया,
Shreedhar
समंदर में नदी की तरह ये मिलने नहीं जाता
समंदर में नदी की तरह ये मिलने नहीं जाता
Johnny Ahmed 'क़ैस'
"What comes easy won't last,
पूर्वार्थ
वह ठहर जाएगा ❤️
वह ठहर जाएगा ❤️
Rohit yadav
गर सीरत की चाह हो तो लाना घर रिश्ता।
गर सीरत की चाह हो तो लाना घर रिश्ता।
Taj Mohammad
एक और सुबह तुम्हारे बिना
एक और सुबह तुम्हारे बिना
Surinder blackpen
***
*** " ओ मीत मेरे.....!!! " ***
VEDANTA PATEL
बहुत देखें हैं..
बहुत देखें हैं..
Srishty Bansal
ख़त्म होने जैसा
ख़त्म होने जैसा
Sangeeta Beniwal
हर मंदिर में दीप जलेगा
हर मंदिर में दीप जलेगा
Ansh
सच तो हम तुम बने हैं
सच तो हम तुम बने हैं
Neeraj Agarwal
3004.*पूर्णिका*
3004.*पूर्णिका*
Dr.Khedu Bharti
*मन  में  पर्वत  सी पीर है*
*मन में पर्वत सी पीर है*
सुखविंद्र सिंह मनसीरत
पिता बनाम बाप
पिता बनाम बाप
Sandeep Pande
हिन्दी दोहा -स्वागत 1-2
हिन्दी दोहा -स्वागत 1-2
राजीव नामदेव 'राना लिधौरी'
रूपगर्विता
रूपगर्विता
Dr. Kishan tandon kranti
*नवाब रजा अली खॉं ने श्रीमद्भागवत पुराण की पांडुलिपि से रामप
*नवाब रजा अली खॉं ने श्रीमद्भागवत पुराण की पांडुलिपि से रामप
Ravi Prakash
क्यों हो गया अब हमसे खफ़ा
क्यों हो गया अब हमसे खफ़ा
gurudeenverma198
Loading...