Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
15 Jul 2016 · 1 min read

वतन की शान लगते हैं।

एक गजल
मापनी —1222 1222 1222 1222

कभी हैवान लगते हैं कभी शैतान लगते हैं।
नहीं इंसान अब लेकिन यहाँ इंसान लगते हैं।।

उन्ही का हल नहीं मिलता जमाने में कहीं यारो।
यहाँ पर देखने में प्रश्न जो आसान लगते हैं।।

बनाएँ साधुओं का भेष बाबा जो चमत्कारी।
हटा पर्दा उन्हे देखो वही शैतान लगते हैं।।

दिखाकर आंकड़े झूठे करें वादे चुनावी सब।
मुझे नेता यहाँ सारे ही’ बेईमान लगते हैं।।

वतन की सरहदों पर जो लगाते जान की बाजी।
तिरंगे को वही बेटे वतन की शान लगते हैं।।

प्रदीप कुमार

1 Like · 1 Comment · 352 Views
You may also like:
कर दिया उम्र में
Dr fauzia Naseem shad
#Daily Writing Challenge : आरंभ
'अशांत' शेखर
नव वर्ष (गीत)
Ravi Prakash
🙋बाबुल के आंगन की चिड़िया🙋
Arise DGRJ (Khaimsingh Saini)
बच्चों में नहीं पनप रहे संस्कार
Author Dr. Neeru Mohan
■ लघु_व्यंग्य
*Author प्रणय प्रभात*
जानवर और आदमी में फर्क
सुरेश कुमार चतुर्वेदी
ऐ मेरे व्यग्र मन....
Aditya Prakash
बाल कहानी- गणतंत्र दिवस
SHAMA PARVEEN
कहते हो हमको दुश्मन
gurudeenverma198
What you are ashamed of
AJAY AMITABH SUMAN
Writing Challenge- वादा (Promise)
Sahityapedia
चौबोला छंद (बड़ा उल्लाला) एवं विधाएँ
Subhash Singhai
247. "पहली पहली आहट"
MSW Sunil SainiCENA
बढ़ती आबादी
AMRESH KUMAR VERMA
तिनका तिनका करके।
Taj Mohammad
नए-नए हैं गाँधी / (श्रद्धांजलि नवगीत)
ईश्वर दयाल गोस्वामी
😊तेरी मिरी चिड़ी पीड़ि😊
DR ARUN KUMAR SHASTRI
कलयुग की माया
डी. के. निवातिया
पिता आदर्श नायक हमारे
Buddha Prakash
ਸੀਨੇ ਨਾਲ ਲਾਇਆ ਨਹੀਂ ਕਦੇ
Kaur Surinder
भारत के बीर जवान
नंदलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर
इससे बड़ा हादसा क्या
कवि दीपक बवेजा
हिन्दी
Saraswati Bajpai
💐💐तुम अपना ख़्याल रखना💐💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
शेर
Rajiv Vishal
" हालात ए इश्क़ " ( चंद अश'आर )
डॉक्टर वासिफ़ काज़ी
आगी में दहेज के
Shekhar Chandra Mitra
गीत
Nityanand Vajpayee
एक तुम्हारे होने से...!!
Kanchan Khanna
Loading...