Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
23 Jan 2023 · 1 min read

वक़्त ने करवट क्या बदली…!

वक़्त ने….
करवट क्या बदली….?
सब नज़ारे ही बदल गए.. !
एक वक़्त था…
तू अपना सा लगता था….!

तुझे….
मांगा था हमने…!
कुदरत की फ़िज़ाओं से….
हवाओं से….
घटाओं से….
दसों दिशाओं से….!
चला आया बनकर ….
हवा का एक झोका …..!
और….
उड़ा ले गया…..
मेरे सभी जज़्बात…..!
कर दिया खाली…..
हृदय के समन्दर को…..!
जहाँ कभी रक़्स करते….
लहरों के साथ….
इतराया करते थे….
प्रीत के जलते हुए दीए….!
वक़्त ने….
करवट क्या बदली….?
सब नज़ारे ही बदल गए.. !
एक वक़्त था…
तू अपना सा लगता था….!

तेरी फ़ितरत के….
चन्द नगीने पड़ गए भारी….
मुहब्बत पर…!
बाज रूपी झूठ….
सच्चाई पंजों में दबोच कर….
बैठ गया..!
भय का राक्षस….
खा गया हिम्मत को…..
और उम्मीद को….!
कर दिया भस्म….
मेरे प्यार और विश्वास को….
तेरे क्रोध के ज्वारभाटे ने……!
कुछ बेपरवाह….
तेरे इरादों ने….
वादों ने….
और अनकहे एहसासों ने….!
सब शून्य हो गया…!
वक़्त ने….
करवट क्या बदली….?
सब नज़ारे ही बदल गए.. !
एक वक़्त था…
तू अपना सा लगता था….!

वक़्त….
फिर करवट बदलेगा…!
डर को कील चुभोकर…
सर उठा….
बाहर आएगी उम्मीद की किरण…!
सात ताले तोड़कर….
सत्य लहराएगा अपना परचम…..!
गीत गाएँगी फ़िज़ाएँ..!
रक़्स करेगा सम्पूर्ण अस्तित्व….!
तुझे भी बदलना होगा….
यही क़ुदरत का नियम है….!
एक दिन मिलेगा ज़रूर….
मुझे मेरा
अपना नूर-ए-ख़ुदा…..!
‘माही’…..
वक़्त ने….
करवट क्या बदली….?
सब नज़ारे ही बदल गए.. !
एक वक़्त था…
तू अपना सा लगता था….!

©डॉ० प्रतिभा माही

2 Likes · 247 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
Books from Dr. Pratibha Mahi
View all
You may also like:
भारत वर्ष (शक्ति छन्द)
भारत वर्ष (शक्ति छन्द)
नाथ सोनांचली
World Dance Day
World Dance Day
Tushar Jagawat
2274.
2274.
Dr.Khedu Bharti
आज होगा नहीं तो कल होगा
आज होगा नहीं तो कल होगा
Shweta Soni
दिल का खेल
दिल का खेल
सुरेन्द्र शर्मा 'शिव'
जय भोलेनाथ ।
जय भोलेनाथ ।
Anil Mishra Prahari
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
!! फिर तात तेरा कहलाऊँगा !!
Akash Yadav
!! हे उमां सुनो !!
!! हे उमां सुनो !!
Chunnu Lal Gupta
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
- ଓଟେରି ସେଲଭା କୁମାର
Otteri Selvakumar
पीड़ादायक होता है
पीड़ादायक होता है
अभिषेक पाण्डेय 'अभि ’
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
श्री श्याम भजन 【लैला को भूल जाएंगे】
Khaimsingh Saini
*अज्ञानी की कलम*
*अज्ञानी की कलम*
जूनियर झनक कैलाश अज्ञानी
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
एक डरा हुआ शिक्षक एक रीढ़विहीन विद्यार्थी तैयार करता है, जो
Ranjeet kumar patre
-मंहगे हुए टमाटर जी
-मंहगे हुए टमाटर जी
Seema gupta,Alwar
फल का राजा जानिए , मीठा - मीठा आम(कुंडलिया)
फल का राजा जानिए , मीठा - मीठा आम(कुंडलिया)
Ravi Prakash
किसी से कभी नहीं
किसी से कभी नहीं
Dr fauzia Naseem shad
*साहित्यिक बाज़ार*
*साहित्यिक बाज़ार*
Lokesh Singh
हे मन
हे मन
goutam shaw
1-कैसे विष मज़हब का फैला, मानवता का ह्रास हुआ
1-कैसे विष मज़हब का फैला, मानवता का ह्रास हुआ
Ajay Kumar Vimal
चल रे घोड़े चल
चल रे घोड़े चल
Dr. Kishan tandon kranti
फूल
फूल
Pt. Brajesh Kumar Nayak
मंजिल
मंजिल
Kanchan Khanna
"दो पल की जिंदगी"
Yogendra Chaturwedi
अपने-अपने संस्कार
अपने-अपने संस्कार
Dr. Pradeep Kumar Sharma
हे कलम
हे कलम
Kavita Chouhan
प्रेरणा
प्रेरणा
पूर्वार्थ
"चाँद बादल में छुपा और सितारे डूबे।
*Author प्रणय प्रभात*
दोहा
दोहा
डाॅ. बिपिन पाण्डेय
अंधे रेवड़ी बांटने में लगे
अंधे रेवड़ी बांटने में लगे
Umesh उमेश शुक्ल Shukla
💐 Prodigy Love-9💐
💐 Prodigy Love-9💐
शिवाभिषेक: 'आनन्द'(अभिषेक पाराशर)
Loading...