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10 Oct 2023 · 1 min read

लीजिए प्रेम का अवलंब

जहां कहीं विश्वास का
होता है प्रबल अभाव
वहां पग पग पे षड्यंत्र
का बढ़ता रहता प्रभाव
खल और छल, छद्म का
आवरण रहता चहुंओर
एक दूजे को अरि सदृश
दिखें सब जीव घनघोर
आशंका के घन गहराते
रहते उस परिवेश में सदा
प्रेम और विश्वास का भाव
तिरोहित हो जहां यदा कदा
जो चाहिए सुख और शांति
तो लीजिए प्रेम का अवलंब
इर्द गिर्द के परिवेश में होगा
ऊर्जा का संचार अविलंब

Language: Hindi
1 Like · 121 Views
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