Sahityapedia
Login Create Account
Home
Search
Dashboard
Notifications
Settings
17 Mar 2023 · 1 min read

लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से

कितनी बातें की हैं मैंने अपने दिल से
समझाया है दिल को मैंने किस मुश्किल से

तुमने भी तो मेरे दिल को तोड़ा कैसे
जैसे कोई शीशा फेंके दस मंज़िल से

बिना तुम्हारे मेरा जीना जीना ऐसे
जैसे कोई तेल निचोड़े सूखे तिल से

माना दिल के खेलों में भी थ्रिल होता है
लेकिन अब तुम बाज भी आओ ऐसे थ्रिल से

अच्छा है जो दिल के हैं अब लाखों टुकड़े
लाख दुआएं दूंगा मैं अब टूटे दिल से

-शिवकुमार बिलगरामी

Language: Hindi
2 Likes · 1293 Views
📢 Stay Updated with Sahityapedia!
Join our official announcements group on WhatsApp to receive all the major updates from Sahityapedia directly on your phone.
You may also like:
गीत
गीत
जगदीश शर्मा सहज
दौर - ए - कश्मकश
दौर - ए - कश्मकश
Shyam Sundar Subramanian
दो वक्त की रोटी नसीब हो जाए
दो वक्त की रोटी नसीब हो जाए
VINOD CHAUHAN
पेड़ और ऑक्सीजन
पेड़ और ऑक्सीजन
विजय कुमार अग्रवाल
शेर
शेर
Monika Verma
" रहना तुम्हारे सँग "
DrLakshman Jha Parimal
*पापा (बाल कविता)*
*पापा (बाल कविता)*
Ravi Prakash
सोशल मीडिया पर हिसाबी और असंवेदनशील लोग
सोशल मीडिया पर हिसाबी और असंवेदनशील लोग
Dr MusafiR BaithA
मृगनयनी
मृगनयनी
Kumud Srivastava
కృష్ణా కృష్ణా నీవే సర్వము
కృష్ణా కృష్ణా నీవే సర్వము
डॉ गुंडाल विजय कुमार 'विजय'
👍👍👍
👍👍👍
*प्रणय प्रभात*
रमेशराज का हाइकु-शतक
रमेशराज का हाइकु-शतक
कवि रमेशराज
मन्दिर में है प्राण प्रतिष्ठा , न्यौता सबका आने को...
मन्दिर में है प्राण प्रतिष्ठा , न्यौता सबका आने को...
Shubham Pandey (S P)
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
मुफलिसो और बेकशों की शान में मेरा ईमान बोलेगा।
Phool gufran
दिवाकर उग गया देखो,नवल आकाश है हिंदी।
दिवाकर उग गया देखो,नवल आकाश है हिंदी।
Neelam Sharma
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
जिस चीज को किसी भी मूल्य पर बदला नहीं जा सकता है,तो उसको सहन
Paras Nath Jha
परिवर्तन
परिवर्तन
विनोद सिल्ला
क्या....
क्या....
हिमांशु Kulshrestha
थक गये चौकीदार
थक गये चौकीदार
Shyamsingh Lodhi Rajput (Tejpuriya)
ख्वाब दिखाती हसरतें ,
ख्वाब दिखाती हसरतें ,
sushil sarna
जिंदगी को बड़े फक्र से जी लिया।
जिंदगी को बड़े फक्र से जी लिया।
Prabhu Nath Chaturvedi "कश्यप"
मेरे दिल की हर इक वो खुशी बन गई
मेरे दिल की हर इक वो खुशी बन गई
कृष्णकांत गुर्जर
कुछ नही हो...
कुछ नही हो...
Sapna K S
*जख्मी मुस्कुराहटें*
*जख्मी मुस्कुराहटें*
Krishna Manshi
अब तो हमको भी आती नहीं, याद तुम्हारी क्यों
अब तो हमको भी आती नहीं, याद तुम्हारी क्यों
gurudeenverma198
अब तुझे रोने न दूँगा।
अब तुझे रोने न दूँगा।
Anil Mishra Prahari
मणिपुर कौन बचाए..??
मणिपुर कौन बचाए..??
सोलंकी प्रशांत (An Explorer Of Life)
हरी भरी तुम सब्ज़ी खाओ|
हरी भरी तुम सब्ज़ी खाओ|
Vedha Singh
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
ਹਕੀਕਤ ਜਾਣਦੇ ਹਾਂ
Surinder blackpen
न मुमकिन है ख़ुद का घरौंदा मिटाना
न मुमकिन है ख़ुद का घरौंदा मिटाना
शिल्पी सिंह बघेल
Loading...